महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी—एसपी डॉ अमृता दुहन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन ने कहा कि महिला सुरक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वे बुधवार को राजस्थान पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार महिला सुरक्षा से संबंधित मुद्दों व राजस्थान पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे विभिन्न उपायों के संबंध में जागरुकता बढाने के लिए चलाए जा रहे महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत यहां सुखाडिया रंगमंच पर आयोजित महिला वॉलंटियर्स के साथ संवाद एवं महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं। पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता ने महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न महिला सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए महिला हेल्पलाइन 1090, राजकोप ऐप, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सहित महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा प्रत्येक नागरिक से इन सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने एवं दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। समारोह में जिले भर से महिला वॉलंटियर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, महिला अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान समाज में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया। एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ आरएल सुमन ने महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते हुए कहा कि स्वस्थ महिला ही सशक्त समाज की आधारशिला है। साइबर पुलिस उप अधीक्षक विनय चैधरी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। पुलिस उप अधीक्षक छवि शर्मा ने राजकोप ऐप के प्रभावी उपयोग, वरिष्ठ जन संबल योजना तथा पुलिस की नागरिक हितैषी सेवाओं की जानकारी देते हुए आमजन से इन सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। पुलिस निरीक्षक टीना ने विशाखा गाइडलाइन व कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के बारे में जानकारी प्रदान की। उपनिरीक्षक हितेश यादव द्वारा नौकर व किराएदार के सत्यापन संबंधी जानकारी प्रदान की गई। सीडब्ल्यूसी सदस्य यशोदा पंडया व राजस्थान बाल आयोग के पूर्व सदस्य शैलेन्द्र पंड्या ने बाल अधिकारों और उनके प्रभावी संरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। अन्य विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा महिला अपराधों में कानूनी प्रावधान, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। सफल आयोजन में एएसपी चेतना भाटी, पुलिस निरीक्षक पूनाराम का सहयोग रहा। नोडल अधिकारी एएसपी महिला अपराध व अनुसंधान प्रकोष्ठ माधुरी वर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा के इस जन-जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।

By Udaipurviews

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