एमपीयूएटी में ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ का भव्य आयोजन
यदि कोई युवा नशे का शिकार हो जाए तो उसे तिरस्कार नहीं, उपचार और सम्मान दें : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
उदयपुर, 02 अगस्त, 2026 महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) सभागार में रविवार को ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रव्यापी संबोधन का प्रातः 11 बजे सजीव प्रसारण उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं राज्य के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया इसके पश्चात एमपीयूएटी के ‘माय भारत’ स्वयंसेवक ज्योतिका वर्मा एवं अवनी सुवालका ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों एवं विशिष्ट अतिथियों का भी पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का राष्ट्रीय जन-आंदोलन है। उन्होंने बताया कि देशभर में एक करोड़ से अधिक युवा नशामुक्ति का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति, युवाओं के लिए सृजित हो रहे अवसरों तथा राजस्थान सरकार द्वारा नशामुक्त प्रदेश के निर्माण हेतु किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना, व्यापक जन -जागरूकता अभियानों तथा प्रभावी कानून व्यवस्था के माध्यम से नशे पर नियंत्रण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहकर नवाचार एवं स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनकी गतिविधियों एवं मित्र मंडली पर सकारात्मक दृष्टि रखने की अपील की।
इसके पश्चात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्रव्यापी संबोधन सजीव प्रसारित किया गया\ प्रधानमंत्री ने कहा कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।” उन्होंने शिक्षकों एवं प्राध्यापकों से विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति सतत जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नशे की लत का शिकार हो जाए तो उसे तिरस्कार नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। नशामुक्त होकर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को सम्मान और स्वीकार्यता देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। नाटक में दर्शाया गया कि किस प्रकार नशे की लत युवा शक्ति को अपने लक्ष्य से भटका देती है तथा इसका दुष्प्रभाव व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ता है। साथ ही परिवार के सहयोग, सकारात्मक वातावरण, परामर्श, योग, खेलकूद एवं पुनर्वास के माध्यम से नशामुक्त जीवन का प्रेरक संदेश दिया गया, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को गहराई से प्रभावित किया।
छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. विक्रमादित्य दवे ने बताया कि विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), स्काउट एवं गाइड तथा खेल इकाई के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम से पूर्व ‘माय भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण कर ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ भी ली। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स रेंजर्स, माय भारत स्वयंसेवकों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा समाज में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने का प्रण दोहराया।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, नेहरू युवा केंद्र, माय भारत स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से निरंतर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में कुलसचिव श्री अशोक कुमार, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. विक्रमादित्य दवे, निदेशक अनुसंधान डॉ. मनोज कुमार महला, राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता, मत्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एल. एन. महावर, डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनोद यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राम हरि मीणा सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने विश्वविद्यालय के सभागार में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुभवों, भविष्य की आकांक्षाओं तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्हें नशामुक्त, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि देशभर में आयोजित इस अभियान में लगभग एक करोड़ युवाओं ने सहभागिता करते हुए ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ का संकल्प लिया, जबकि ‘माय भारत’ पोर्टल पर लगभग 2.24 करोड़ युवाओं के पंजीकरण ने इस अभियान को व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में नशामुक्त, स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति के सकारात्मक योगदान से भारत को नशामुक्त, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा।
