उदयपुर, 02 अगस्त 2026। सक्सेना मातिमान कायस्थ सभा, उदयपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा, प्रथम स्थापना दिवस एवं सामूहिक मिलन समारोह का भव्य आयोजन रविवार को श्री गोविंद पब्लिक स्कूल परिसर, गुड़ली में अत्यंत गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में समाज के लगभग 50 परिवारों के 125 से अधिक सदस्य उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम ने समाज में संगठन, संस्कार, सेवा एवं पारिवारिक एकता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान श्री चित्रगुप्त जी एवं माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित समाजबंधुओं ने तीन बार गायत्री मंत्र का सामूहिक जप किया। “ॐ श्री चित्रगुप्ताय नमः” मंत्रोच्चार के साथ पाँच मिनट का सामूहिक ध्यान कराया गया तथा तीन बार ॐ के उच्चारण के साथ ध्यान का समापन हुआ। इस आध्यात्मिक सत्र ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं ऊर्जा से परिपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों एवं समाजबंधुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। मंच संचालन का दायित्व चित्रांश डॉ. ममता सक्सेना ने अत्यंत प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से निभाया, जिससे सम्पूर्ण कार्यक्रम समयबद्ध एवं गरिमापूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ।
समारोह के अध्यक्ष चित्रांश तरुण सक्सेना ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि गुरु पूर्णिमा का यह अवसर संस्था के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी पावन तिथि पर संस्था को पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ था। उन्होंने संस्था की एक वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिक्षा सहयोग अभियान, सरकारी विद्यालयों में नोटबुक एवं स्टेशनरी वितरण, स्वेटर वितरण, महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के गठन, प्रतिभा सम्मान तथा विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज को संगठित, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, युवा नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण तथा परिवारों के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
संस्था के संरक्षक चित्रांश अनिल सक्सेना, चित्रांश रविन्द्र प्रकाश सक्सेना एवं चित्रांश योगेश सक्सेना ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सेवा भावना और नई पीढ़ी के संस्कारों में निहित है। उन्होंने संस्था द्वारा अल्प समय में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए सभी समाजबंधुओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कु. हर्षाली सक्सेना एवं कु. हविशा सक्सेना की मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित सभी समाजबंधुओं की भरपूर सराहना प्राप्त की।
समारोह के अंतर्गत समाज सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सरकारी विद्यालयों में शिक्षा सहयोग अभियान के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले दानदाताओं का सम्मान किया गया। सम्मानित समाजसेवियों में चित्रांश डॉ. अशोक कुमार सक्सेना, डॉ. जूही प्रधान, निशित सक्सेना, विजय बहादुर रायजादा, तरुण सक्सेना, डॉ. राजीव सक्सेना, अनिल सक्सेना, दिनेश सक्सेना, कौशल के. सक्सेना, डॉ. वैभव सक्सेना, योगेश सक्सेना, सुबोध सक्सेना, डॉ. रश्मि सक्सेना एवं अनुपम सक्सेना, प्रदीप सक्सेना, विष्णु सक्सेना, गौरव सक्सेना, अमित सक्सेना, नंदकिशोर सक्सेना, रविन्द्र प्रकाश सक्सेना, मोहित सक्सेना, आदर्श कुमारी सक्सेना, अनुभा सक्सेना, आरती सक्सेना, डॉ. वीणा सक्सेना, सुनील सक्सेना एवं बीना सक्सेना का अभिनंदन किया गया।
इसके पश्चात 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों – चित्रांश टीमोन सक्सेना, चित्रांश आर्यवृत सक्सेना एवं
चित्रांश मेदिनी सक्सेना – का सम्मान किया गया। साथ ही चित्रांश चित्रांगदा सक्सेना एवं चित्रांश आलिया सक्सेना को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समाज के वरिष्ठजनों चित्रांश श्री श्याम कुमार सक्सेना, श्रीमती लता सक्सेना, चित्रांश श्रीमती प्रवीन कुंवर सक्सेना, चित्रांश श्री कमलाकर प्रधान एवं चित्रांश श्रीमती कमलेश सक्सेना का भी विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अगले चरण में समाज संवाद आयोजित हुआ, जिसमें महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ की भूमिका, संगठन विस्तार, आगामी सामाजिक एवं शैक्षिक योजनाओं तथा समाजहित के विभिन्न विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने अनेक रचनात्मक सुझाव दिए, जिनका स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में चित्रांश डॉ. वैभव सक्सेना का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कार्यक्रम हेतु श्री गोविंद पब्लिक स्कूल परिसर, गुड़ली उपलब्ध कराया तथा आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट समन्वय किया, जिसके लिए सभा परिवार ने उनका विशेष आभार व्यक्त किया।
समारोह के सफल संचालन में गठित विभिन्न समितियों के प्रभारियों एवं सदस्यों ने भी अपने-अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन किया। मुख्य आयोजन एवं समन्वय, पूजा व्यवस्था, स्वागत, पंजीयन, भोजन एवं जलपान, मंच संचालन, सम्मान, खेल एवं मनोरंजन, सजावट, मीडिया एवं प्रचार तथा स्वास्थ्य सहायता समितियों ने समर्पित भाव से कार्य कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम में लगभग 50 परिवारों के 125 से अधिक समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में निम्न प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे—चित्रांश डॉ. मनीष सक्सेना ,चित्रांश अनुभा सक्सेना ,चित्रांश मोहित सक्सेना ,चित्रांश गौरव सक्सेना ,चित्रांश अनुराग सक्सेना ,श्रीमती तनुजा सक्सेना ,श्रीमती वीणा सक्सेना ,श्रीमती कल्पना सक्सेना ,श्रीमती आशिता सक्सेना ,श्रीमती सोनिया सक्सेना ,श्रीमती रतिका सक्सेना ,श्रीमती डिम्पल बिसारिया ,श्रीमती आरती सक्सेना ,श्रीमती सारिका सक्सेना ,श्रीमती शालिनी सक्सेना ,श्रीमती सुरभि सक्सेना ,श्रीमती बीना सक्सेना ,डॉ. जूही प्रधान ,डॉ. वीणा सक्सेना ,श्रीमती सुषमा सक्सेना ,श्रीमती माला सक्सेना ,श्रीमती निष्ठी (निशी) सक्सेना ,श्रीमती आदर्श कुमारी सक्सेना ,श्रीमती हर्षिता सक्सेना ,श्रीमती श्रद्धा सक्सेना ,श्रीमती यश्वी सक्सेना ,श्रीमती सोनल सक्सेना ,चित्रांश गौरव सक्सेना ,चित्रांश मोहित सक्सेना ,चित्रांश अनुराग सक्सेना, चित्रांश राहुल सक्सेना ,चित्रांश स्वदेश सक्सेना ,चित्रांश आशीष सक्सेना ,चित्रांश विजय बहादुर रायजादा ,चित्रांश मीरा रायजादा ,चित्रांश वैभव सक्सेना ,चित्रांश अमित सक्सेना ,चित्रांश सुनील सक्सेना ,चित्रांश इन्द्रेश जी ,चित्रांश दीपक सक्सेना ,चित्रांश सौरभ सक्सेना ,चित्रांश सुबोध सक्सेना ,चित्रांश दिनेश सक्सेना ,चित्रांश नंदकिशोर सक्सेना ,चित्रांश प्रदीप सक्सेना ,चित्रांश कौशल के. सक्सेना ,चित्रांश अतुल कुमार सक्सेना ,चित्रांश डॉ. अशोक कुमार सक्सेना ,चित्रांश डॉ. राजीव सक्सेना ,चित्रांश डॉ. रश्मि सक्सेना ,चित्रांश अनुपम सक्सेना
अंत में चित्रांश डॉ. वैभव सक्सेना ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं, सहयोगियों, दानदाताओं, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, विभिन्न समितियों, विद्यालय परिवार तथा कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की यही एकजुटता भविष्य में भी सेवा, संस्कार और संगठन की नई मिसाल स्थापित करेगी।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान, समूह छायाचित्र एवं सामूहिक सहभोज के साथ अत्यंत आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
