सत्यनारायण भगवान की कथा में गूंजे भक्ति के स्वर, श्रद्धालुओं ने सुनी भगवान की महिमा

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

– राजा उल्कामुख, साधु वाणिक, लकड़हारे एवं कलावती के प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन
– 8 दिवसीय कथा की हुई पूर्णाहुति

उदयपुर, 22 सितम्बर। सुथार समाज भवन, मेन रोड, बडग़ांव में श्री पुष्कर दास महाराज के सान्निध्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव के आठवें दिन श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन धूमधाम से सम्पन्न हुआ।
कथा के दौरान पुष्कर दास महाराज ने भगवान श्री सत्यनारायण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में सदैव सत्य के मार्ग पर चलते हुए भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास बनाए रखना चाहिए। भगवान की भक्ति तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ सत्य, संकल्प और सदाचार का पालन किया जाए। महाराज ने कथा में राजा उल्कामुख के प्रसंग का वर्णन करते हुए भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का महत्व बताया। वहीं साधु वाणिक के प्रसंग के माध्यम से भगवान से किए गए संकल्प को पूरा करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य का साथ नहीं छोडऩे का संदेश दिया। इसी क्रम में लकड़हारों के प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि भगवान की कथा एवं पूजा में सच्ची श्रद्धा रखने वाले भक्तों पर भगवान की कृपा बनी रहती है। कलावती के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति विश्वास और समर्पण जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को शक्ति प्रदान करता है। कथा के दौरान भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियों एवं भगवान श्री सत्यनारायण के जयकारों से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूर्णाहुति पर मुख्य यजमान गौरीशंकर अग्रवाल ने व्यासपीठ पर महाराज का सम्मान किया। वि_ल वैष्णव ने सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। कथा के समापन पर भगवान सत्यनारायण की आरती की गई ओर सभी भक्तों ने हाथ ऊँचे करके भगवान के जयकारे लगाए द्य अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

By Udaipurviews

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