उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक देबारी क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनियों द्वारा स्थानीय युवाओं एवं श्रमिकों के साथ हो रहे कथित शोषण, वेतन विसंगतियों एवं रोजगार में भेदभाव के विरोध में स्थानीय रोजगार सेवा समिति ने जिला प्रशासन, विधायक ओर जिंक प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समिति ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है तथा बाहरी श्रमिकों को अधिक अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही श्रमिकों को कम वेतन, अनियमित भुगतान एवं श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलने से उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। समिति के प्रतिनिधियों में पूर्व भलो का गुड़ा नंदलाल वेद, देवकिशन वैरागी, रतन लाल डांगी, पूर्व सरपंच वाना लक्ष्मी लाल मेनारिया, श्याम लाल डांगी समेत अन्य प्रतिनिधियों ने वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, जिंक के प्रबंधन के सीएसओ आदित्य ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। ओर मांग कि कि कई श्रमिकों को ईएसआई, पीएफ, बोनस, सुरक्षा उपकरण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। इसके अलावा निर्धारित समय से अधिक कार्य लेने के बावजूद ओवरटाइम भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी ठेका कंपनियों में समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए तथा प्रत्येक माह समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने हेतु स्पष्ट नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई। समिति ने प्रशासन से ठेका कंपनियों एवं संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच करवाने, श्रमिक शोषण पर रोक लगाने तथा श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन, कंपनी एवं श्रमिक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त फैक्ट्री एवं परियोजनाओं से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों की जानकारी सार्वजनिक करने तथा क्षेत्रीय ग्रामीणों को विश्वास में लेने की बात भी कही गई। स्थानीय रोजगार सेवा समिति ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के श्रमिक एवं ग्रामीण व्यापक आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं प्रशासन की होगी। इस दौरान क्षेत्र के कई युवा, श्रमिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे तथा सभी ने एक स्वर में स्थानीय हितों की रक्षा एवं श्रमिकों को न्याय दिलाने की मांग की।
देबारी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं एवं श्रमिकों के हकों की आवाज बुलंद
