तीन दिवसीय प्रथम अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन का हुआ समापन
मानव अधिकार से अधिक महत्वपूर्ण है जल एवं प्रकृति का अधिकार- डॉ. राजेन्द्र सिंह अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से होती है मानवता की सेवा - प्रो. सारंगेदेवोत जल की सहज उपलब्धता ने जल उपभोग में अविवेक को बढा जल के देवत्व को नष्ट किया- डॉ. शिव सिंह राठौड कृषि क्षेत्र में जल के उपभोग को विवेकपूर्ण तरीके से करना होगा संस्कारित - प्रो.एन.एस. राठौड झील संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का किया सम्मान तीस से अधिक देशांे के प्रतिनिधियों ने की शिरकत ..... उदयपुर 10 दिसंबर / विश्व में सूखे व बाढ की वैश्विक समस्या पर जनार्दनराय नागर राजस्थान…
