बुराई को खुद में ओर अच्छाई को दुसरों में तलाश करेंःआचार्य ज्ञानचंद
उदयपुर। अरिहंत भवन उदयपुर चातुर्मासरत जैनाचार्य ज्ञानचंद्र महाराज ने कहा कि हमें बुराई को खुद में ओर अच्छाई को दुसरों में तलाश करनी चाहिए। आप अपने दिनचर्या पर ध्यान लगाइए। आपके कान क्या सुनना पसंद करते हैं। उन्होंने हक़िकत यह है कि सामने वाला आपकी झूठी प्रशंसा भी कर रहा हो और दूसरों की झूठी निंदा भी कर रहा हो तो आपको उसे सुनने में रस आता है। सीमा से अतिरेक स्थिति में अपनी प्रशंसा सुनना भी खतरे का कारण बन जाती है। इसलिए जब भी आपके लिए कोई अच्छा बोलता है तो उस वक्त सोचिए अपने में कमी क्या…
