महाराणा प्रताप का जीवन स्वाभिमान का पर्याय : डॉ. प्रदीप कुमावत
प्रताप की जीवनगाथा को कक्षा 6 से 8 तक पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए ‘महाराणा प्रताप : शौर्य–पराक्रम’ गीत का लोकार्पण, यूट्यूब पर हुआ प्रीमियर उदयपुर |29जन. महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए स्वाभिमान, शौर्य और आत्मसम्मान के अमर प्रतीक हैं। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। महाराणा प्रताप का जीवनचरित्र स्वाभिमान का पर्याय है और उनकी जीवनगाथा को राजस्थान के विद्यालयी पाठ्यक्रम में कक्षा छठी से आठवीं तक अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ आत्मगौरव और राष्ट्रबोध से जुड़ सकें। यह…
