स्वार्थ छोड़कर सारथी बनें, प्रेम ही हर समस्या का समाधान: देवेंद्रधाम में बोले डॉ. सुरेंद्र मुनि
उदयपुर। देवेंद्रधाम में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए जैन संत डॉ. सुरेंद्र मुनि ने कहा कि स्वार्थी व्यक्ति संसार में सर्वत्र अनादर का पात्र बनता है, क्योंकि वह केवल अपने हित तक ही सीमित रहता है। इसके विपरीत सारथी की भूमिका निभाने वाला व्यक्ति अपने साथ जुड़े सभी लोगों का पूरा ध्यान रखता है। वह परोपकारी प्रवृत्ति का होता है, जो पहले दूसरों को सहारा और अन्न देकर बाद में अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। वर्तमान समय में सारथी कम और स्वार्थी लोगों की संख्या बढ़ने से परिवार, समाज और संघ में बिखराव की स्थिति उत्पन्न हो रही…
