उदयपुर। सलूम्बर जिले के सुप्रसिद्ध ग्राम रनेला स्थित श्री कृष्णा कल्याण मुख्य शक्तिपीठ में आयोजित शेषावतार कल्लाजी राठौड़, नागणेचा माताजी एवं अम्बामाता के पावन प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत तीन होमात्मक नवकुण्डीय सतचण्डी रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मुख्य शक्तिपीठ एवं उपस्थित संत-महंतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को संबोधित करते हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने शेषावतार वीर कल्लाजी राठौड़ की वीरता को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की पावन धरा सदैव शक्ति और भक्ति की भूमि रही है। उन्होंने स्मरण कराया कि उनके पूर्वज, मेवाड़ के 53वें श्री एकलिंग दीवान महाराणा उदयसिंह जी के प्रमुख योद्धाओं में वीर कल्लाजी राठौड़ का विशेष स्थान था। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ की रक्षा के दौरान कल्लाजी राठौड़ ने अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। युद्ध में घायल जयमल जी की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए कल्लाजी ने उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर युद्धभूमि में वीरतापूर्वक संघर्ष किया। चित्तौड़ दुर्ग स्थित भैरव पोल के समीप निर्मित कल्लाजी की छतरी आज भी उस अद्भुत वीरगाथा की स्मृति को जीवंत बनाए हुए है। रनेला स्थित श्री कृष्णा कल्याण मुख्य शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में साबला धाम स्थित श्री हरि मंदिर बेणेश्वर के पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज, सूरजकुंड के अवधेशानंद महाराज, बिकरणी गौशाला आश्रम के खुशाल भारती महाराज, महंत शंभूसिंह राठौड़, गातोड़जी मुख्य धाम के महंत मोहनलाल शर्मा तथा भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत महेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमंत मीणा, जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा राज्य मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, पूर्व सांसद एवं मंत्री रघुवीर सिंह मीणा, खेरवाड़ा विधायक डॉ. दयाराम परमार, पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया सहित राजस्थान के अनेक जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्री कृष्णा कल्याण शक्तिपीठ में गूंजा डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का सनातन संस्कृति संदेश
