उदयपुर, 23 जुलाई। राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों द्वारा संचालित ऋण योजनाओं के तहत लाभार्थियों को राहत प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2025-26 लागू की गई है। योजना के अंतर्गत समय पर मूलधन चुकाने वाले ऋणधारकों को साधारण ब्याज एवं शास्ति (दंडनीय ब्याज) में छूट दी जाएगी।
इसके तहत पहला चरण 1 मई से 30 सितंबर तक की अवधि में केवल मूलधन जमा कराने पर साधारण ब्याज एवं शास्ति पूरी तरह माफ की जाएगी। दूसरा चरण 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक की अवधि में यदि लाभार्थी मूलधन एवं साधारण ब्याज दोनों जमा कराता है, तो शास्ति माफ की जाएगी। इस योजना का लाभ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं के अंतर्गत 31 मार्च 2024 तक वितरित ऋण के लाभार्थियों को मिलेगा। यह योजना 30 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी।
राष्ट्रीय निगम योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू, पात्र लाभार्थी कर सकेंगे आवेदन
उदयपुर, 23 जुलाई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय निगम की योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू कर दिया गया है। इसके माध्यम से राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय निगम योजनाओं के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। इस पोर्टल के जरिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग एवं राष्ट्रीय दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सफाई कर्मचारी एवं दिव्यांगजन के लिए आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है। इसके तहत लघु व्यवसाय (शहरी एवं ग्रामीण), महिला समृद्धि योजना, डेयरी, ई-रिक्शा आदि योजनाओं के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदक स्वयं एसएसओ आईडी के माध्यम से या ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा किसी अन्य ऋणदात्री संस्था से ऋणी नहीं होने की स्वयं घोषणा को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होगा।
