सात दिन में सत्यापन नहीं कराया तो बंद हो सकती है पेंशन
उदयपुर, 21 अप्रैल। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत लाभार्थियों की ओर से वार्षिक सत्यापन अनिवार्य है। सत्यापन के अभाव में पेंशन बंद कर दी जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर ने बताया कि योजना के तहत तीन श्रेणियों यथा वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन एवं विधवा तथा एकलनारी पेंशन योजना के तहत पात्रजनों को पेंशन स्वीकृत कर लाभान्वित किया जाता है। जिले में लगभग 3.15 लाख पेंशनर्स को प्रतिमाह पेंशन से लाभान्वित किया जाता है। इसमें लगभग 2.13 लाख वृद्धजन पेंशनर, 81200 एकलनारी व विधवा पेंशनर तथा 15500 दिव्यांग पेंशनर तथा 1100 के लगभग कृषक वृद्धजन पेंशनर हैं। योजना के तहत प्रत्येक पेंशनर को प्रतिवर्ष 31 दिसम्बर तक अपना वार्षिक सत्यापन ई-मित्र के माध्यम से या स्वयं पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर कराना होता है। उदयपुर जिले में लगभग 10800 पेंशनर्स द्वारा अपना वार्षिक सत्यापन नहीं कराया गया है। सरकार द्वारा सत्यापन की अवधि बढाकर निरन्तर अवसर दिया जा रहा है कि पेंशनर्स अपना वार्षिक सत्यापन कार्य पूर्ण करा लें लेकिन लगभग 4 माह उपर गुजरने के बाद भी पेंशनर्स द्वारा सत्यापन नहीं कराया जाने से सम्भवतः आगामी माह से इनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी। भटनागर ने लाभार्थियों से अपील की है कि जिन्होंने वार्षिक सत्यापन कार्य अब तक पूर्ण नहीं कराया है आगामी 7 दिवस में ई-मित्र पर जाकर अपना सत्यापन पूर्ण करावे। यदि कोई समस्या हो तो पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी शहरी क्षैत्र में संबंधित उपखण्ड अधिकारी एवं ग्रामीण क्षैत्र में संबंधित विकास अधिकारी कार्यालय में आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल साथ लेकर सम्पर्क करके हाथों हाथ सत्यापन करा सकते हैं। सत्यापन के अभाव में पेंशन बंद होने पर संबंधित लाभार्थी स्वयं जिम्मेदार रहेगा।
संस्कृत विद्यालयों के संस्थाप्रधानों की सत्रारम्भ वाक्पीठ
उदयपुर, 22 अप्रैल। संस्कृत शिक्षा विभाग के अन्तर्गत उदयपुर एवं सलुम्बर जिले के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालयों के संस्था प्रधानों की सत्रारम्भ दो दिवसीय वाक्पीठ संगोष्ठी राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय गोखर मगरी जिला उदयपुर में आयोजित हुई।
मुख्य अतिथि संभागीय संस्कृत शिक्षाधिकारी डॉ भगवती शंकर व्यास रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य मानसिंह कुशवाह ने की। विशिष्ट अतिथि जिला नोडल प्रभारी जिला उदयपुर, खेमचन्द जैन व जिला नोडल प्रभारी, जिला सलुम्बर, देवेन्द्र जीनगर तथा उप निरीक्षक राममोहन शर्मा रहे। प्रधानाचार्य श्री कुशवाह ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ भगवती शंकर व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा वह ज्योति है जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है। शिक्षक देश का निर्माता है, शिक्षक एक विद्यार्थी को सुसभ्य, सुसंस्कृत, सुनागरिक बनाता है। राममोहन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भामाशाह के साथ सकारात्मक सम्बन्ध स्थापित करते हुए विद्यालय में भौतिक सुविधाएं प्राप्त की जा सकती है और कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत एवं निर्माण हेतु सरकार तत्पर है। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संजय जी लुणावत प्रधानाचार्य रा.उ.मा.वि. सविना नेला उदयपुर रहे जिन्होंने समस्त संस्था प्रधानों को आरएसआर की जानकारी देते हुए अपने मूल कर्तव्यों को समय पर पूर्ण करने एवं बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उक्त कार्यक्रम में भूमिका ठाकोर, पीयुष दशोरा, पवन जोशी, हितेश चन्द्र जैन, रचना मीणा, मंजु राजक, डॉ जयेश भट्ट, निशा पालीवाल, अभय मीणा, दिनेश आवतानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महिपाल सिंह चौहान व धीरज कुमार जोशी एवं आभार अशोक विश्नोई ने व्यक्त किया।
