पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने प्रवचन सभा में भाग लेकर मुनिवृंद का लिया आशीर्वाद
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के आठवें दिन मंगलवार को महाप्रज्ञ विहार में संवत्सरी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। मुनि संजय कुमार दिवेर, मुनि प्रकाश कुमार दिवेर एवं मुनि सिद्धि प्रज्ञ उज्जैन के सान्निध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा मंगलाचरण से हुआ। भगवान महावीर के स्मरण में गीतिका प्रस्तुत की गई। मुनिश्री ने भजन के माध्यम से भगवान महावीर की आध्यात्मिक यात्रा एवं उनके जीवन-संदेश को प्रस्तुत करते हुए तप, संयम और साधना का महत्व बताया।
संवत्सरी के मंगल अवसर पर प्रवचन करते हुए मुनिश्री ने कहा कि संवत्सरी आत्मशुद्धि का महापर्व है। शरीर की शुद्धि के साथ मन, वचन और भावों की शुद्धि भी आवश्यक है। भावों में निर्मलता के बिना वास्तविक खामतखामणा और ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ की भावना उत्पन्न नहीं हो सकती।
मुनिश्री ने कहा कि संवत्सरी मैत्री, अहंकार त्याग और आपसी भेदभाव मिटाने का पर्व है। यह छोट-बड़े का भेद समाप्त कर परस्पर प्रेम एवं सौहार्द बढ़ाने की प्रेरणा देता है। भूल किसी एक पक्ष से ही नहीं, दोनों पक्षों से हो सकती है। इसलिए एक-दूसरे की गलतियों को स्वीकार करते हुए क्षमा मांगना और क्षमा करना आवश्यक है।
मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को आत्मसंयम की प्रेरणा देते हुए कहा कि जो कार्य अनुचित लगते हैं, उनसे बचना चाहिए। जो नहीं बोलना चाहिए, वह न बोलें; जो नहीं खाना चाहिए, उससे बचें और जिन पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए, उनका त्याग करें। उन्होंने स्वाध्याय, सामयिक और त्याग के भाव बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर समाजजनों ने परस्पर क्षमा-याचना करते हुए ‘खम्मत खामणा’ एवं ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ के माध्यम से मैत्री, सौहार्द और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया।
महाप्रज्ञ विहार में बुधवार सुबह 6.15 बजे क्षमापना दिवस का कार्यक्रम होगा। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा ने बताया कि मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने भी मुनि संजय कुमार के दर्शन कर प्रवचन का लाभ लिया। इस अवसर पर सभा की ओर से कटारिया का उपरणा ओढ़ा साहित्य भेंटकर सम्मान किया गया। क्षमापना दिवस के कार्यक्रम के बाद सामूहिक पारणा होगा। इसके आयोजक सौभागचंद्र-लक्ष्मी नाहर, राकेश-चेतना नाहर, गजेंद्र-ज्योति नाहर हैं।
