भगवान महावीर के जन्म से निर्वाण तक की जीवंत चित्रावली का कराया दर्शन, संवत्सरी प्रतिक्रमण में होगी क्षमायाचना
उदयपुर। दादावाड़ी में आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत आयोजित पर्यूषण महापर्व के अंतिम आठवें दिवस मंगलवार को प्रथम प्रहर की शुभ वेला में आगम के वारसा सूत्र की भावपूर्ण वाचना हुई। विदुषी साध्वी श्री विद्युत प्रभा श्रीजी म. सा. ने मांगलिक के साथ वाचना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भगवान महावीर के जन्म से लेकर निर्वाण तक के समस्त जीवन प्रसंगों की जीवंत चित्रावली का दर्शन भी श्रद्धालुओं को कराया गया।
मूल सूत्र का धाराप्रवाह पाठ साध्वी योगरुचि, साध्वी नमनरुचि एवं साध्वी आप्तरुचि ने किया। उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ सूत्र वाचन का श्रवण किया। मध्यान्ह के पश्चात संवत्सरिक प्रतिक्रमण का आयोजन होगा। इसमें श्रावक-श्राविकाएं वर्षभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों, किसी का दिल दुखाने अथवा किसी जीव को कष्ट या पीड़ा पहुंचाने के लिए क्षमायाचना करेंगे। प्रतिक्रमण के माध्यम से आत्मचिंतन, संयम और मैत्रीभाव का संदेश दिया जाएगा। ट्रस्ट अध्यक्ष राज लोढ़ा ने बताया कि आगामी प्रवचन सोमवार, 21 सितंबर से पुनः प्रारंभ होंगे।
दादावाड़ी में पर्यूषण महापर्व का भावपूर्ण समापन, वारसा सूत्र की वाचना में छलके श्रद्धा के भाव
