उदयपुर। माता वैष्णो देवी मंदिर, नाथद्वारा रोड स्थित परिसर में नवरात्रा पर्व के दौरान नौ दिनों तक निरंतर औषधीय हवन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया इसलिए इसे हर रविवार करने का निर्णय लिया गया।
आयुर्वेद आचार्य शोभालाल औधिच्य ने बताया कि इस विशेष हवन में 70 प्रकार की औषधियों की आहुति दी गई। हवन से उत्पन्न धुनी को श्रद्धालुओं ने श्वास के माध्यम से ग्रहण किया, जिससे शरीर में औषधीय तत्वों का प्रभाव हुआ। इस प्रक्रिया से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में लाभ देखा गया है, साथ ही निःसंतान दम्पत्तियों को भी संतान सुख की प्राप्ति में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
आचार्य औधिच्य ने बताया कि औषधीय हवन का उल्लेख प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों और शास्त्रों में भी मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, औषधीय धुनी शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और मानसिक तनाव को दूर करती है।
समाज सेवी हरीश राजानी ने बताया कि नवरात्रों के इन नौ दिनों के दौरान उन्हें मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और शारीरिक लाभ का अनुभव हुआ। हवन के दौरान वातावरण में व्याप्त औषधीय सुगंध से पूरे मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहा श्रद्धालुओं की मांग पर इस हवन यज्ञ को प्रत्येक रविवार करने का निर्णय हुआ।
मुख्य प्रबंधन सुनील खत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती रुचि और लाभ को देखते हुए अब यह औषधीय हवन प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से सायं 6:30 बजे तक नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
मंदिर मुखिया सुनील खत्री के अनुसार, हवन स्थल पर जितनी देर तक व्यक्ति बैठता है, उतना अधिक लाभ उसे प्राप्त होता है, क्योंकि शरीर अधिक मात्रा में औषधीय धुनी को ग्रहण करता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरागत भारतीय विधि आज भी आधुनिक चिकित्सा के पूरक के रूप में चमत्कारिक परिणाम दे रही है।
