भगवान श्री महाकालेश्वर की आरती के साथ दूसरे दिन शुरू हुई ड्रोन से भूमि की पैमाइश

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर।रानी रोड स्थित श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर की भूमि की वास्तविक सीमाएं तय करने के लिए सिविल न्यायालयए शहर उत्तर उदयपुर के 24 जुलाई 2026 के आदेश की पालना में वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से भूमि सर्वेक्षण एवं पैमाइश कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दूसरे दिन की शुरुआत भी भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य आरती के साथ हुई।
सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर के सचिवचन्द्रशेखर दाधीचने बताया कि 13 दिसंबर 1954 के एडीशनल सेटलमेंट कमिश्नरए राजस्थानए जयपुर के आदेश में साबिक आराजी संख्या 5 के आसपास की बिलानाम एवं पड़त भूमिए जो कोट और बाड़ से मेहदूद बताई गई हैए उसे महाकालेश्वर महादेव जी की भूमि होने का उल्लेख नोट खाना कैफियत में दर्ज किया गया था। उक्त आदेश की पुष्टि राजस्व मंडलए अजमेर के 30 मई 1975 के निर्णय में भी की गई थी।
दाधीच के अनुसारए इसी आधार पर साबिक आराजी संख्या 5 एवं वर्तमान आराजी संख्या 42 को मंदिर मूर्ति की भूमि बताया गया है। न्यायालय में विचाराधीन मामले में स्वयंश्री 1008 भगवान मंदिर मूर्ति श्री महाकालेश्वर जी महादेवको पक्षकार बनाया गया है।
कोर्ट कमीश्नर की मौजूदगी में पहले दिन ईटीएस मशीन के माध्यम से भूमि की वास्तविक सीमाओं की पैमाइश की गई तथा मंदिर की भूमि पर संभावित अतिक्रमण और मौके की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया गया। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दूसरे दिन आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ड्रोन के माध्यम से भूमि का सर्वे एवं पैमाइश की गई।
ड्रोन सर्वे के माध्यम से साबिक आराजी संख्या 5 एवं वर्तमान आराजी संख्या 42 की मौके पर वास्तविक सीमाए क्षेत्रफल और भौतिक स्थिति का डिजिटल डेटा एकत्र किया गया। ड्रोन कैमरों की सहायता से संबंधित क्षेत्र की सीमाओंए भू.आकृतिए खेतों एवं आसपास के भूखंडों की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सर्वे के आधार पर डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगाए जिससे भूमि संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और भविष्य में विवादों को कम करने में सहायता मिल सकेगी।
इस दौरान सभी पक्षकार मौजूद रहे और उन्होंने तकनीकी टीम के साथ ड्रोन संचालन एवं सर्वे की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। आधुनिक तकनीक से की जा रही पैमाइश को भूमि की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक के इस संगम को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा गया। भगवान श्री महाकालेश्वर की आरती के साथ सर्वे कार्य की शुरुआत को लोगों ने शुभ संकेत मानते हुए इस पहल की सराहना की।
कार्यवाही के दौरान कोर्ट कमीश्नर राजेश कुमार उपाध्याय, तहसीलदार गिर्वा सुरपाल सिंह सोलंकी, पक्षकारों की ओर से एडवोकेटप्रकाशचन्द्र पालीवाल, एडवोकेट सुरेशचन्द्र नागौरी, राजकीय अधिवक्ता अशोक सिंघवी, एडवोकेटअभिषेक वैष्णव, एडवोकेटनिहांशु पालीवाल सहित प्रार्थी एवं अप्रार्थी पक्षकार उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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