नीमच में वर्षीतप पारणोत्सव पर आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी म.सा. ने की घोषणा, 102 तपस्वियों का पारणा सम्पन्न
उदयपुर। सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में उस समय भक्ति और उल्लास का वातावरण छा गया, जब खरतरगच्छ की प.पू. साध्वी प्रमुखा, प्रवचन प्रभाविका विद्युत्तप्रभा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-3 के वर्ष 2026 के उदयपुर चातुर्मास की जय-जयकार के साथ घोषणा की गई।
यह घोषणा नीमच में आयोजित वर्षीतप पारणोत्सव के पावन अवसर पर अक्षय तृतीया के दिन परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति, आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी म.सा. के सान्निध्य में हुई। इस दौरान शताधिक तपस्वी रत्नों और हजारों गुरु भक्तों की उपस्थिति में जयघोष गूंज उठा।
कार्यक्रम में दादावाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष राज लोढ़ा, उपाध्यक्ष शैलेन्द्र लोढ़ा, केवाईयूपी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष महात्मा सहित वरिष्ठ सदस्य गजेन्द्र चौधरी, रमेश गन्ना, सुरेन्द्र तलेसरा, वीरेन्द्र तेजावत, मनोहर बांठिया, कैलाश महात्मा, केएमपी अध्यक्षा वंदना गन्ना, अनिता सिरोया, मंजू पितलिया, सुषमा नाहर, सुनीता बांठिया एवं तपस्वी रत्ना पुजारिन धापू बाई सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आचार्य श्री ने चातुर्मास के सफल आयोजन हेतु ट्रस्टी गजेन्द्र भंसाली को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही वर्षीतप पारणा महोत्सव के उपरांत नीमच के शक्ति नगर में बनने वाली नवीन दादावाड़ी एवं मंदिरजी की प्रतिष्ठा महोत्सव में पांच दिनों तक स्थिरता रखने की भी जानकारी दी गई।
सचिव दलपत दोशी ने बताया कि इस अवसर पर प्रातःकाल तपस्वियों का विशाल वरघोड़ा चतुर्विध संघ के साथ निकाला गया। इसके पश्चात धर्मसभा आयोजित हुई, जिसमें 102 तपस्वियों के वर्षीतप का पारणा विधिवत सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में गुरुदेव ने महामांगलिक प्रदान करते हुए श्रीसंघ को चातुर्मास प्रवेश का शुभ मुहूर्त भी दिया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और धर्मभावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सूरजपोल दादावाड़ी में गूंजे जयघोष,साध्वी प्रमुखा विद्युत्तप्रभा श्रीजी म.सा. का उदयपुर चातुर्मास घोषित
