-महिला समाज ने किया आत्महत्या के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संकल्प
उदयपुर, 22 जुलाई। आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। धैर्य और साहस से हर मुश्किल का पार पाया जा सकता है।
यह बात महिला समाज सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती माया कुम्भट ने यहां मुरली मनोहर मंदिर में ‘नैतिक साहस बढ़ाओ, आत्महत्या से मुंह मोड़ो’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने महर्षि रमण की एक गांव के अध्यापक की कहानी सुनाते हुए कहा कि भगवान द्वारा किए गए मानव जीवन का पूरा उपयोग करना चाहिए। आत्महत्या करना किसी भी परेशानी का हल नहीं है। उन्होंने वीर शिरोमणि महाराण प्रताप का उदाहरण देते हुए कहा कि वे घास की रोटी खाकर की आन बान शान के लिए लड़े, तो हम गेहूं की रोटी खाकर मुश्किलों का सामना क्यों नहीं कर सकते। श्रीमती कुम्भट ने आत्महत्या न करने का संकल्प कराया और जिंदगी इतनी सस्ती नहीं है, यह संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। मोटिवेशनल गुरु अर्चना शक्तावत ने खुश रहने व पॉजिटिव थिंकिंग के गुर बताए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ शालिनी भटनागर सबको वर्षा ऋतु में स्वस्थ रहने के नुस्खे बताए। उन्होंने खानपान व स्वच्छता का ध्यान रखने की सीख दी। उन्होंने लोगों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। उन्होंने आगामी परिचर्चा का कार्यक्रम ‘मीनोपॉज’ पर रखने की सहमति भी प्रदान की।
महिला समाज सोसाइटी की तरफ से वस्त्रों का वितरण भी हुआ। दुबई से आईं मोनिका वस्तावत ने सभी के लिए खाद्य सामग्री की व्यवस्था की। सोसायटी की ओर से अनुष्का को सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य रूप से कार्यक्रम में कौशल्या रुंगटा, मीनू कुंभट, शारदा तलेसरा, चंद्रकांता मेहता, निर्मला गहलोत, यशवंत भंसाली, वीना गौड़, पूर्णकला सुराणा आदि उपस्थित थीं।
नैतिक साहस बढ़ाओ, आत्महत्या से मुंह मोड़ो
