उदयपुर, 1 अक्टूबर। तपागच्छ की उद्गम स्थली उदयपुर के आयड़ जैन तीर्थ में आगामी 4 अक्टूबर रविवार को प्रात: 10 बजे समग्र जैन श्वेतांबर तपागच्छ श्रीसंघ का विराट अधिवेशन आयोजित होगा। आत्म उदयपुरुषा तीर्थ प्रेरक एवं संस्थापक, आनंद मार्गदर्शक डॉ. आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, जयशिखर निधि आचार्य अचल मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज आदि गुरुभगवंतों की निश्रा में होने वाले इस अधिवेशन को लेकर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है। सम्मेलन में मध्यप्रदेश, मालवा, मेवाड़, गुजरात, राजस्थान एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के जैन संघों एवं संगठनों के पदाधिकारी, ट्रस्टी, कार्यकर्ता एवं अधिकृत प्रतिनिधि भाग लेंगे।
श्री जैन श्वेतांबर महासभा, सचिव कुलदीप नाहर ने बताया कि कि आहड़ जैन तीर्थ का इतिहास तपागच्छ की गौरवशाली परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। करीब 800 वर्ष पूर्व आयड़ तपागच्छ के महान जैनाचार्य जगतचन्द्रसूरी महाराज की साधना स्थली रहा है। उनकी घोर तपस्या एवं साधना से प्रभावित होकर तत्कालीन महाराजा जैत्रसिंह ने उन्हें ‘तपा’ की उपाधि प्रदान की थी। आयड़ ़ के 800 वर्ष पुराने इतिहास में पहली बार तपागच्छ का इतना विराट अधिवेशन आयोजित होने जा रहा है। इसमें मालवा, मेवाड़, वागड़, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के साथ गुजरात और महाराष्ट्र से भी जैन संघों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उपाध्यक्ष भूपाल सिंह परमार ने बताया कि आचार्य जगत चन्द्र सूरी भगवान महावीर स्वामी की 44वीं पाट परंपरा के आचार्य थे। उनकी तपस्या और आध्यात्मिक साधना की गौरवशाली परंपरा के कारण मूर्तिपूजक जैन श्वेतांबर समाज की इस परंपरा का नाम तपागच्छ पड़ा। इसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत को समर्पित यह अधिवेशन आहड़ के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। सम्मेलन का उद्देश्य तपागच्छीय समाज के विभिन्न संघों एवं संगठनों के बीच समन्वय, संगठनात्मक मजबूती तथा धार्मिक गतिविधियों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श करना है।
– कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल
कार्यक्रम संयोजक सतीश कच्छारा ने बताया अधिवेशन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक ताराचंद जैन, राजकोट विधायक दर्शिताबेन शाह, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र राज्य मंत्री लोढ़ाजी गांधी, अहमदाबाद के भूषणभाई शाह सहित अनेक गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। श्री जैन श्वेतांबर महासभा के सभी पदाधिकारियों ने उदयपुर एवं आसपास के समस्त श्रावक-श्राविकाओं से 4 अक्टूबर रविवार को प्रात: 10 बजे आयड़ जैन तीर्थ पहुंचकर ऐतिहासिक तपागच्छीय अधिवेशन में सहभागी बनने की अपील की है।
आयड़ जैन तीर्थ में 4 अक्टूबर को देवसूर तपागच्छीय जैन संघ का विराट अधिवेशन
