फायर सेफ्टी वीक – 2026
उदयपुर, 8 मई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार फायर सेफ्टी वीक 2026 के अंतर्गत आरएनटी मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डाॅ राहुल जैन के निर्देशन में अग्निशमन सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एवं व्यापक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय नोडल अधिकारी डॉ. सुशील साहू ने किया।
प्रारम्भ में प्रधानाचार्य डॉ. जैन के नेतृत्व में अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. कुशल बाबू गहलोत एवं डॉ. कीर्ति सिंह ने उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को फायर सेफ्टी की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अग्नि सुरक्षा के प्रति सजगता, उत्तरदायित्व एवं संस्थागत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. जैन ने उपस्थित समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च जोखिम वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की नैतिक, व्यावसायिक एवं संस्थागत जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय क्षमता, सतर्कता एवं समन्वित कार्यवाही ही मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। डॉ. राहुल जैन ने कहा कि मेडिकल काॅलेज में रोगियों, विद्यार्थियों एवं कार्मिको की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा संस्थान को पूर्णतः सुरक्षित एवं आपदा प्रबंधन संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित प्रशिक्षण, माॅक ड्रिल एवं सुरक्षा मानकों के कठोर अनुपालन के माध्यम से संस्थान में सुदृढ़ सुरक्षित वातावरण विकसित करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण समन्वयक ललित कुमार गंधर्व ने उपस्थित प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित विस्तृत, व्यवहारिक एवं अत्यंत प्रभावशाली प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान कोड रेड एक्टिवेशन, आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रारंभिक प्रतिक्रिया, फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित एवं समुचित उपयोग, धुएँ एवं आग की स्थिति में सुरक्षित निकासी, मरीजों की प्राथमिकता आधारित शिफ्टिंग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्यवाही की प्रक्रियाओं का व्यवहारिक प्रदर्शन एवं मार्गदर्शन किया गया। प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक जानकारी प्रदान करना नहीं, बल्कि चिकित्सालय के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को वास्तविक आपदा परिस्थितियों में त्वरित, संगठित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने हेतु सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व एवं आपदा प्रबंधन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया गया। फायर सेफ्टी सिस्टम के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र गहलोत एवं टीम का विशेष सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता रही, जिन्होंने प्रशिक्षण को व्यवहारिक, प्रभावी एवं वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण, चिकित्सकगण, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, विद्यार्थी, नर्सिंग अधिकारी, कार्यालय कर्मचारी, नर्सिंग विद्यार्थी एवं अन्य कर्मचारियों ने अत्यंत भाग लिया।
