उदयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण के लिए उदयपुर संभाग की कार्यशाला रविवार को नाथद्वारा राजसमंद में संपन्न हुई। कार्यशाला में उदयपुर संभाग के सात जिलों के पदाधिकारियों सहित सैंकड़ों कार्मिकों ने भाग लिया। महासंघ की जिला शाखाओं तथा उप शाखाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सात संकल्पों को पूर्ण करवाने के लिए तैयारियों को तेज करने का निर्णय लिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की सरकार कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दों के प्रति पूर्णतया असंवेदनशील है। महासंघ के द्वारा बार-बार सरकार को ज्ञापन प्रेषित करते हुए कर्मचारियों की पदोन्नति विसंगति, वेतन विसंगति दूर करवाने संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण करवाने, स्पष्ट एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति जारी करने का अनुरोध किया गया लेकिन सरकार पूरी तरह संवादहीन बनी हुई है। सरकार के उपेक्षात्मक रवेये के कारण प्रदेश के कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है, जिसके कारण महासंघ आंदोलन को विवश है। प्रदेश महामंत्री महावीर सिहाग एवं प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दों एवं महासंघ के मांग पत्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। उन्होंने तृतीय श्रेणी शिक्षको के स्थानांतरण करने की पुरजोर मांग करते हुए सरकार को चेताया। महासंघ के राजसमंद जिला अध्यक्ष रघुराज सिंह झाला एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ राजसमंद के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह राठौड़ ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इसके अतिरिक्त कार्यशाला को प्रदेश महासमिति सदस्य मोहन लाल मीणा, धुली राम डांगी, जिला अध्यक्ष उदयपुर हेमंत पालीवाल, जिला संयोजक सलूम्बर शंकर लाल कुम्हार, जिला अध्यक्ष डूंगरपुर हेमंत खराड़ी, जिला उपाध्यक्ष बांसवाड़ा विजेंद्र परमार, जिला संयोजक प्रतापगढ़ राधेश्याम धाकड़, जिला उपाध्यक्ष चित्तौड़गढ़, जिला मंत्री उदयपुर लच्छीराम वरिष्ठ कर्मचारी नेता श्यामलाल आमेठा, पूर्व जिला अध्यक्ष राजसमंद राजेश जोशी, सहित विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ करेगा आंदोलन
