युवाओं को जोड़ने पर ज़ोर-ताराचंद जैन
समाज में युवाओं को एकजुट करना हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं-ताराचंद जैन
उदयपुर 22 सितम्बर – श्री दिगंबर जैन बीसा नरसिंहपुरा तेरापंथ आम्नाय समाज का वार्षिक सम्मेलन डूंगरपुर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र खुणादरी में सम्पन्न हुआ।
समाज के संगठन मंत्री मनीष दामावत ने बताया की प्रातः मंदिर में आदिनाथ पंचकल्याणक विधान मुख्य विधानकर्ता कन्हैया लाल भोजन के सानिध्य में डॉ महावीर प्रसाद जैन ,डॉ. तपीश शास्त्री व पंडित खेमचंद जैन द्वारा संपन्न करवाया गया
तत्पश्चात आमसभा का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता कर रहे समाज के अध्यक्ष योगेश अखावत ने सभी अतिथियों का शब्दों द्वारा स्वागत किया गया,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधीक्षण अभियंता सौरभ सिपरिया थे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाज के संरक्षक व उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, डॉ श्याम एस. सिंघवी, राजमल टीमरवा ,शांतिलाल अखावत, आदिनाथ दिगंबर अतिशय क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल फडिया ,दिनते युवमि संस्थान के अध्यक्ष हेमंत पंचोली,
त्रिशला जागृति मंच की अध्यक्ष डॉ किरण जैन,पुरस्कार वितरण कर्ता अमन सिंघवी,श्रीमती विजय लक्ष्मी ढेलावत,श्रीमती चंद्रकला जोधावत एवं ललिता गोदावत थी
अतिक्षेत्र की महिमा को जयदीप जैन ने उपस्थित समुदाय के समक्ष रखा।
समाज के महामंत्री डॉ जिनेंद्र शास्त्री को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के करकमलों से राजस्थान गौरव से सम्मानित होने की ख़ुशी में समाज के प्रबुद्धजन ने माला,उपरणा,पगड़ी व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया
श्री ताराचन्द जैन ने कहा की आज का समय हमें एक सूत्र में बंधने की प्रेरणा देता है। जैन समाज की शक्ति तभी प्रकट होती है, जब हम सब मिलकर धर्म, समाज और संस्कारों की रक्षा एवं प्रसार के लिए कदम बढ़ाएँ। हमारा समाज अपार प्रतिभा, संसाधन और संस्कारों से सम्पन्न है, बस आवश्यकता है इन्हें एकजुट कर सही दिशा में आगे बढ़ाने की।
आओ, हम सब मतभेद भूलकर एकता के सूत्र में बंधें, समाज की उन्नति के लिए हाथ से हाथ मिलाएँ, और अपने गौरवशाली जैन धर्म के आदर्शों – अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य – को व्यवहार में उतारकर आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श मार्ग प्रशस्त करें। एकजुट जैन समाज ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। कोषाध्यक्ष मुकेश मेहता ने आम व्यय का लेखा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन समाज के महामंत्री डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने किया।
इस अवसर पर राजकुमार भोरावत, राजराजेश्वर जैन, मनोहर भोरावत, कमलेश नावडीया, लोकेश भोरावत, सुरेंद्र संगावत,डॉ निलेश भदावत, रुचिता भोरावत,डॉ सीमा जैन,रमेश अखावत, भारत एम संगावत, रमेश अखावत,निर्मल अखावत,वीरेंद्र संगावतन,मधु भोरावत, कमलेश नावणिया आदि मौजूद थे। इन प्रतिभाओं का हुआ सम्मान-डॉ सुषमा सलामत ,डॉक्टर निलेश भदावत,रम्यक भोरावत,शुद्धि जैन ,वृत्ति संगावत ,मिहिका दामावत,प्रियांश चंदावत,अमीशा भदावत, चर्चित पंचोली,हितंकर शास्त्री,निकुल संगावत, प्रियांक संगावत को प्रशस्ति पत्र ,उपरणा व पगड़ी से सम्मानित किया
