उदयपुर, उपनगर हिरण मंगरी, सेक्टर नं. 3, में परम पूज्य सरल स्वाभावी आचार्य श्री निपूण रत्न सुरिश्र्वर जी म. सा. आदी ठाणा 7, एवं परम विदुषी श्री कीर्ती रेखा जी म. सा. आदी ठाणा 27 के शुभ सानिध्य में तप, त्याग के साथ भव्य चातुर्मास गतिमान हो रहा है, आप श्री के सानिध्य में आज प्रातः 8.30 बजे भगवान श्री शान्तिनाथ मन्दिर, से.नं. 3, से एक विशाल वरघोड़ा प्रारंभ होकर सेक्टर नं. 4 एवं मुख्य मार्गो से होता हुआ श्री महावीर भवन, से.नं. 3, पहुचा, जिसमें उदयपुर एवं आस पास के परिक्षेत्र के अलावा भी अनेक गावों के धर्मावलंबियों की सहभागिता रही।
श्री वर्धमान जैन श्रावक समिति, से.नं.3 के अध्यक्ष श्री आनंदी लाल जैन ( बम्बोरीया) ने बताया कि श्री महावीर भवन में नवकार महामंत्र के पवित्र 68 अक्षर की आराधक तपस्वी रत्ना श्रीमती आशा जी बाबेल धर्मपत्नी स्व. श्री जीवन सिंह जी बाबेल का श्री वर्धमान जैन श्रावक समिति, द्वारा *तपस्वी रत्न* से सम्मानित किया गया, जिसमे समाज की कार्यकारिणी, समाजजन एवं अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

पांच दिवसीय तपस्वी सम्मान, बहूमान ,भक्ति संध्या,प्रवचन प्रत्याख्यान व धार्मिक कार्यक्रमों की लड़ी लगी हुई है। समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं में अति उत्साह है और प्रति कार्यक्रम में पूरी उपस्थिति रहती है। चातुर्मास संयोजक श्री भोपाल सिंह दलाल ने बताया कि 28 जुलाई से 1 अगस्त तक के सारे कार्यक्रम विधि पूर्वक आचार्य श्री की निश्रा में गतिमान है। इन सभी कार्यों में सक्रिय कार्यकारिणी एवं चातुर्मास व्यवस्था समिति पूर्ण निष्ठा से सभी व्यवस्थाओं को अंजाम दे रही है।कल प्रातः श्रीमती आशा बहिन बाबेल का एवं सभी तपस्वियों का पारणा उत्सव होगा। श्रावक समिति के अध्यक्ष आनंद जैन एवं चातुर्मास संयोजक भोपाल सिंह दलाल ने महिला मंडल,बहूमंडल एवं श्रावक समिति के पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
