उदयपुर। श्री दादु दयाल जयंती शनिवार को यहां आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर तथा हजारेश्वर मंदिर के पास स्थित करीब डेढ सौ साल पुरानी प्राचीन छतरियांजी में हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई।
इस मौके पर छतरियांजी को आकर्षक रुप से सजाया गया। दादु पंथी जलदीप स्वामी ने बताया कि सुबह आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर तथा हजारेश्वर मंदिर के पास स्थित करीब डेढ सौ साल पुरानी प्राचीन छतरियांजी में पूजा अर्चना के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। मुख्य कार्यक्रम आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित छतरियांजी में हुआ जहां सुबह साढे दस बजे से सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। दोपहर करीब सवा बारह बजे सामूहिक आरती की गई। इस मौके पर भारत विकास परिषद की ओर से बिलोता, चित्तौडगढ में संचालित भारत माता शिक्षण संस्थान से 70 बच्चों व शिक्षकों को विशेष रुप से आमंत्रित किया गया। बच्चों ने कार्यक्रम में विभिन्न श्लाको व शांति पाठ का उच्चारण कर माहौल को धर्ममय कर दिया। इन बच्चों में पांच साल से लेकर 12 साल तक के बच्चे थे जिनके मुख्य वेद श्लोक और शांति पाठ सुनकर वहां मौजूद भक्त अचंभित रह गए। बच्चों को इस मौके पर उपहार प्रदान कर भोजन प्रसाद करवाया गया। इस मौके पर भारत माता शिक्षण संस्थान के मंत्री वर्तमान में चित्तोड़ गौरक्षा विभाग प्रांत अध्यक्ष रमेशचन्द्र जी शर्मा (पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी) ने भी दादू दयाल के बारे में अपने विचार रखे। महोत्सव में बडा रामद्वारा मंदिर के महंत, मीठाराम मंदिर महंत, दादु द्वारा उदयपुर के हेमंत स्वामी, बाईजी राज कुंड मंदिर के महंत गोपाल दास, जलदीप स्वामी, भाजपा के पूर्व देहात जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्तसिंह चौहान, हरेश वैष्णव, निरंजन व्यास, नरेश स्वागी, भूपेश स्वामी, एडवोकेट मनन शर्मा, डॉ मुकेश देवपुरा, महेंद्र सोलंकी, अशोकसिंह राठौड, लखन प्रताप सिंह, आकाश वागरेचा, सुशील अग्रवाल आदि प्रबुद्दजन उपस्थित थे।
उदयपुर में डेढ सौ साल पुरानी छतरियां जी में मनाई दादु दयाल जयंती
