अभिनव नागोरी की 37वीं जयंती पर भावुक हुआ माहौल
बहनों ने जवानों को बांधी राखी
उदयपुर, 30 अगस्त। नसीराबाद स्थित 145 हल्की वायु रक्षा रेजिमेंट (स्वचालित) की 10 सदस्यीय साइकिल अभियान टीम ने उदयपुर पहुंचकर शहीद परिवारों से आत्मीय भेंट की। टीम ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी वीरता और देश के प्रति समर्पण को नमन किया तथा परिवारों के साथ भावनात्मक पल साझा किए।
साइकिल अभियान टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट गुरुमुख सिंह ने किया। टीम में नायक रोहित पाठक, लांस नायक संतोष, लांस नायक सी.टी. राव, लांस नायक रोशन तिर्की, अग्निवीर मुरूघन, अग्निवीर पवार अथर्व, अग्निवीर प्रिंस, अग्निवीर निखिल और अग्निवीर यशपाल शामिल रहे।
अभिनव नागोरी की 37वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि
टीम ने शहीद लेफ्टिनेंट पायलट अभिनव नागोरी के आवास पर पहुंचकर उनकी 37वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद के पिता श्री धर्मचंद नागोरी ने सभी जवानों का तिलक लगाकर सम्मान किया। वीर माता श्रीमती सुशीला नागोरी ने जवानों को तिरंगा दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया तथा उन्हें ‘अभिनव अभ्यास पुस्तिका’ भेंट की। इस दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया, जब शहीद अभिनव की बहनों स्मिता और श्वेता ने सेना के जवानों को राखी बांधी। राखी के इस भावुक प्रसंग ने शहीद भाई की स्मृतियों को जीवंत कर दिया और जवानों के साथ परिवार के आत्मीय रिश्ते का अहसास कराया। टीम ने इस अवसर पर परिवारजनों से अपनी यूनिट की गतिविधियों तथा ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
अर्चित वर्डिया की वीरता को किया नमन
इसके बाद साइकिल टीम शहीद लेफ्टिनेंट अर्चित वर्डिया के घर पहुंची। टीम ने वीर माता श्रीमती बीना व बहन दिव्यानी से मुलाकात की। परिवारजनों ने शहीद अर्चित की वीरता और देशसेवा से जुड़े संस्मरण साझा किए, जिन्हें सुनकर टीम के सदस्य भाव-विभोर हो गए।
शहीद परिवारों को भेंट किया ‘नभरक्षक-ऑपरेशन सिंदूर’ प्रतीक चिन्ह
दोनों शहीद परिवारों से मुलाकात के दौरान सेना की साइकिल टीम ने उन्हें ‘नभरक्षक-ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। जवानों ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मुलाकात ने सेना और शहीद परिवारों के बीच अटूट आत्मीय संबंधों को और मजबूत किया। शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और उनके बलिदान की स्मृति को जीवंत रखने का यह प्रयास देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक संदेश दे गया।
