फूटा तालाब को लेकर कांग्रेस नेता हुए आमने—सामने

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। शहर के हिरणमगरी सेक्टर—13 स्थित फूटा तालाब को लेकर कांग्रेस नेता आमने—सामने आ गए है। कांग्रेस नेताओं का एक समूह फूटा तालाब के संरक्षण के लिए लगातार कई सालों से आवाज उठाते हुए जिम्मेदार महकमे और जिला प्रशासन से गुहार लगा रहा है तो दूसरे कांग्रेस नेता तालाब को तालाब ही नहीं मानते हुए प्रशासन से तालाब पेटे में निर्माण की अनुमति मांग रहे है। प्रभावित कांग्रेस नेता का कहना है कि कोई विभाग दस्तावेजों में मौके पर तालाब होने से ही इंकार कर रहे है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष देवेन्द्र माली का कहना है कि जल संसाधन विभाग वृत्त उदयपुर के अधिशाषी अभियंता ने 15 जून को लिखित में दिया है कि फूटा तालाब उदयपुर विकास प्राधिकरण  अधिकार क्षेत्र में आता है उनके कार्यालय एवं इसके अधीनस्थ कार्यालय में किसी भी प्रकार तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। एक लिखित जवाब में तो अधिकारी ने तो फूटा तालाब उनके विभाग के अधीन नहीं आना बताया है। माली ने बताया कि इससे पहले यूडीए आयुक्त द्वारा जल संसाधन विभाग से राजस्व ग्राम गोवर्धनविलास के खसरा संख्या 304 कुल किता एक कुल रकबा भूमि के धारा 90—बी के तहत जारी पुनर्ग्रहण आदेश के संबंध में जानकारी मांगने पर 17 सितम्बर 2025 को जल संसाधन विभाग के तत्कालीन अधिशाषी अभियंता ने लिखित में बताया कि सहायक अभियंता जल संसाधन उपखंड गिर्वा की रिपोर्ट अनुसार फूटा तालाब विभागीय तालाब न होने से एवं उपखंड स्तर से इस तालाब के कोई तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध न होने से कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। माली ने बताया कि गिर्वा तहसीलदार द्वारा 17 अगस्त 2025 को दी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखित में दिया कि प्रथम दृष्टया आराजी 304 फूटा तालाब (वर्तमान में जलभराव नहीं) के सटी हुई है यद्यपि राजस्व रिकार्ड में किस्म नदी, नाला, तालाब अंकित नहीं है। उदयपुर विकास प्राधिकरण यूडीए द्वारा भी विगत वर्षों के दौरान मौके पर 65 लाख रुपए की लागत से नाला बनाया गया था। माली ने विभागीय अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब के हवाले से बताया कि मौके पर फूटा तालाब नहीं है। वहां उनका अपना मकान बना हुआ है। ऐसे में क्षेत्र में सडक निर्माण होना चाहिए। उधर फूटा तालाब के सरंक्षण के लिए कई सालों से लागातार आवाज उठा रहे देहात जिला कांग्रेस कमेटी उदयपुर के पूर्व महासचिव प्रदीप त्रिपाठी,  ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उदयपुर के महासचिव भारत रामानुज व नेताओं का कहना है कि 6 जून 2025 को तत्कालीन गिर्वा तहसीलदार ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र में फूटा तालाब सेक्टर—13 राजस्व ग्राम सविना खेडा के आराजी संख्या 501 से 524 में एवं राजस्व ग्राम गोवर्धनविलास के आराजी संख्या 292, 293, 294, 300 से 303 में 13 मार्च 2023 से उखंड अधिकारी गिर्वा को राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 177 में कार्यवाही प्रस्तावित करना बताया गया। इसके अलावा गिर्वा तहसीलदार द्वारा 13 मार्च 2023 को तत्कालीन गिर्वा उपखंड अधिकारी को फूटा तालाब सेक्टर—13 में अवैध रूप से भराव डालने व अवैध निर्माण कर भूमि का स्वरुप परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया था। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हाल ही 22 अप्रेल को यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर ने जिला कलेक्टर को भूमाफियाओं और राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा फूटा तालाब सेक्टर—13 में भराव मलवा डालकर अवैध सडक को ध्वस्त कराने के संबंध में पत्र लिखा था। साथ ही अवगत कराया कि अदालत में प्रकरण दर्ज होकर 19 मई 2025 को मौके की यथास्थिति बनाए रखने के आदेश प्रदान किए गए हैं। इसी क्रम में आराजी संख्या 304 में राजकुमारी दाहिमा द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवाकर उसके विरुद्ध यूडीए में प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किए गए हैं जो कार्यवाही विचाराधीन है। वहीं यूडीए उपायुक्त ने 23 अप्रेल 2026 को अपने दोनों यूडीए तहसीलदार को आराजी 304 में वर्तमान में किसी प्रकार के नियमन, आवंटन पटृटे जारी करने की कार्यवाही नहीं करने को पाबंद करते हुए साथ ही निर्देश दिए कि सुनिश्चित किया जाए कि उक्त आराजी भूमि में किसी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं किया जाए। इधर पटटा, निर्माण स्वीकृति नहीं मिलने से प्रभावित लोगों के साथ ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने सोमवार को कलेक्टर से मिलकर समस्या समाधा कराने का आग्रह किया है।

By Udaipurviews

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