नारी जीवन का सम्पूर्ण बिम्ब: नवदुर्गा
नवरात्रि विशेष -भगवान प्रसाद गौड़ नवरात्रि हमारी चेतना को नवशृगांर, सृजन और सुशक्त करने का नौ दिवसीय महोत्सव है। इन्द्रियों को संयम, संकल्प तथा आध्यात्मिक शक्ति को साधना और तपस्या से परिष्कृत व विशुद्ध करने का शुभ-मुहुर्त है। तनाव-चिंता, दूषित विचार और प्रदूषित वातावरण के दौर में मानव मात्र को आत्मोन्नति और निरोगी जीवन के लिये नवरात्रि में नव-संकल्प और नवोन्मेष का सुकृत्य करना चाहिए। माँ दुर्गा के नौ दिनों में नौ रूपों की उपासना की जाती है - प्रथम शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रहमचारिणी। तृतीय चन्द्रघण्टेति कुष्माण्डेति चतुर्थकम।। पंचम स्कन्दमातेति षष्ठम कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रिति महांगौरीति चाष्टम्। नवम् सिद्धिदात्री च…
