जिनेश्वर भगवंतों के वचनों को श्रवण करने का महापर्व है चातुर्मास: समर्षिरत्नविजय
उदयपुर, 16 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में मालदास स्ट्रीट आराधना भवन में वर्षावास कर रहे पन्यास प्रवर समर्षिरत्नविजय जी म.सा. ने मंगलवार को धर्मसभा में कहा कि चातुर्मास अर्थात जिनेश्वर भगवंतों के वचनों को श्रवण करने का महापर्व जैसा ही विदित है। जीवों के महापुण्य का जब उदय आता है तब पंच महाव्रतधारी पूज्य श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन होते हैं। आज विश्व के अनेक देशों के पास बहुत कुछ यूनिक वस्तुएं है जिसका उन्हें गौरव महसूस होता है परन्तु दुनिया में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर यह विश्व की आठवीं अजायबी अर्थात…
