जनगणना में अजजा के कॉलम में उन्हीं व्यक्तियों को दर्ज करें जो मूल अस्मिता-आस्था, संस्कृति और रूढी-परंपराओं से जीवन जी रहे : सांसद डॉ रावत
-सांसद ने नियम 377 के अधीन संसद में रखा मामला उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने सोमवार को संसद में नियम 377 के अधीन मामला रखते हुए वर्ष 2026-27 की जनगणना में अनुसूचित जनजाति के कॉलम में केवल उन्हीं व्यक्तियों को दर्ज करने का आग्रह किया जो अपनी मूल अस्मिता-आस्था, संस्कृति और रूढी-परंपराओं के अनुसार जीवन जी रहे हैं। सांसद डॉ रावत ने इस विषय पर कहा कि किसी समाज के विकास के लिए अस्मिता मूलाधार है। जब अस्मिता पर प्रश्न खड़ा होता है, तब संवैधानिक रूप से सुपात्र सदस्यों की सही पहचान नहीं हो पाती है। इस दिग्भ्रमित स्थिति…
