लेकसिटी के बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स को मिलेगा मजबूत प्लेटफॉर्म: मुकेश माधवानी उदयपुर। झीलों की नगरी में गुरुवार शाम बिजनेस नेटवर्किंग और प्रोफेशनल कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय जुड़ गया, जब सुभाष नगर स्थित ओरिएंटल पैलेस रिज़ॉर्ट में बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल के नए चैपटर ‘बीसीआई पिनेकल – अ गेटवे टू द टॉप’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या मेंबर्स और विज़िटर्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि बीसीआई ने हाल ही में अपने सफल दो वर्ष पूरे किए हैं और इतने कम समय में संगठन ने उदयपुर के बिजनेस जगत में…
- उदयपुर की कृति बनीं चर्चा का केंद्र, गुप्त दीक्षा से दिया वैराग्य का संदेश उदयपुर 24 अप्रैल। उदयपुर के लिए गौरव का क्षण तब आया जब शहर की 23 वर्षीय बेटी कृति मेहता ने सांसारिक वैभव, उच्च शिक्षा और उज्ज्वल करियर को त्याग कर जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर ली। बी-टेक कंप्यूटर साइंस की छात्रा कृति ने 4 अन्य मुमुक्षु बहनों के साथ बीकानेर जिले के नोखा कस्बे के जोरावरपुरा स्थित बाड़ी शिव मंदिर परिसर में संयम पथ अपनाया। श्री साधुमार्गी जैन संघ, उदयपुर के अध्यक्ष सागर गोलछा ने बताया कि यह पावन दीक्षा भगवान महावीर की पाठ परंपरा…
उदयपुर। प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकाय के चुनाव को लेकर हो रही देरी के विरोध में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट के बाहर शहर जिला कांग्रेस की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया और मांग की गई कि भाजपा सरकार प्रदेश में जल्द से जल्द से पंचायतीराज और नगर निकाय के चुनाव करवाएं। शहर जिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड ने बताया कि प्रदेश की भजनलाल सरकार प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकाय के चुनाव करवाने से डर रही हैं। ऐेसे में लगातार चुनावों को आगे बढाया जा रहा है तो वहीं दूसरी और उदयपुर शहर…
—मिनी ट्रक का बीच सड़क में टूट गया था एक्सल उदयपुर। झाड़ोल-उदयपुर नेशनल हाईवे-58 ई पर खेरिया घाटा के पास शुक्रवार की सुबह भूसे से ओवरलोड मिनी ट्रक का एक्सल टूट गया। जिसके बाद ट्रक बीच हाईवे पर रुक जाने से हाईवे जाम हो गया। दोनों तरफ करीब एक किमी लंबा जाम लग गया। वाहनों की आवाजाही बंद हो गई और लोग परेशान होते रहे। सूचना पर पुलिस हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रक को घाटे से उपर ले जाया। जहां साइड में खड़ा किया। जिसके बाद ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हो पाई। बता दें, इस…
—संत की अग्नि तपस्या देखने के लिए उमड़े श्रद्धालु उदयपुर। जिले के भींडर क्षेत्र में इस झुलसाती गर्मी में आस्था और तप की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। डेरावड़ स्थित श्री रूपनाथ जी मठ में साधु महंत योगी प्रेमनाथ महाराज ने 21 दिनों तक तपती दोपहर में अग्नि तपस्या कर सभी को चौंका दिया। चारों तरफ धधकती धूणियों और ऊपर से प्रचंड धूप के बीच उनकी साधना ने श्रद्धालुओं को न केवल आकर्षित किया, बल्कि आस्था और संयम की अनूठी तस्वीर भी पेश की। दरअसल, डेरावड मठ पर 3 अप्रैल से शुरू निरंतर 21 दिनों तक यह तपस्या चली। योगी…
सलूम्बर। जिले में 24 घंटे में 2 चचेरी बहनों की मौत से एक बार फिर हड़कंप मच गया। एक परिवार की दोनों बच्चियों को अचानक उल्टी की शिकायत हुई और उन्हें तेज झटके (सीजर) आने लगे। दोनों बच्चियों की मौत घर पर हो गई। मामला जिले के लसाड़िया क्षेत्र के खजुरी पंचायत के कुंडा गांव का है। इन मौतों के बाद गांव में डर का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। हालांकि अभी दोनों बच्चियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे आशा (6) पिता तेजा मीणा…
उदयपुर |दिनांक 24 अप्रैल 2026 | श्री चित्रगुप्त सभा (माथुर समाज ) उदयपुर द्वारा आराध्य देव चित्रगुप्त महाराज का प्रकटोत्सव दिवस हर्षोउल्लास से सभा भवन पर उत्सव स्वरुप मनाया गया । उत्सव स्वरुप श्री चित्रगुप्त की मूर्ति का सदस्यों द्वारा मन्त्रोंचारण के साथ दुगधा भिषेक एवं नयी पोशाक धारण करवा मंदिर को फूलो से सजाया गया | समाज के अध्यक्ष भुवनेश्वर माथुर ने सभी आगंतुक सदस्यों का स्वागत किया और कहा की यह उत्सव विगत 04 वर्षो से लगातार मनाया जा रहा है | समाज में एकता, सामंजस्य, सहयोग एवं एक दूसरे का आदर सत्कार एवं संस्कार ही समाज को…
उदयपुर 24 अप्रेल, 2026। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की अनुसंधान परिषद् की 22वीं बैठक शुक्रवार 24 अप्रेल, 026 को अनुसंधान निदेशालय में विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अनुसंधान परिषद बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष पर्यन्त अनुसंधान कार्यो की समीक्षा एवं मूल्यांकन के साथ आगामी वर्षों की अनुसंधान रूपरेखा तैयार की जाती है। इस समीक्षा बैठक में प्रख्यात विशेषज्ञ के रूप में डॉ. रवि कुमार माथुर, निदेशक, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद एवं डॉ. देव व्रत सिंह, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक (फार्म मशीनरी) भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर उपस्थित रहे। इस अवसर पर वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुए एमपीयूएटी के कुलगुरू डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान में कम वैज्ञानिक होते हुए भी अपनी उत्कृष्टता साबित कर रहा है। हमारे संस्थान ने विभिन्न फसलों की कई उन्नत नई किस्मों के विकास के साथ गुणवत्ता अनुसंधान प्रपत्रों का प्रकाशन किया। वैज्ञानिकों ने वर्ष 2024 एवं 2025 में 08 व्यक्तिगत सम्मान एवं 2 परियोजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किये। कुलगुरू ने वैज्ञानिकों को अपने अनुसंधान कार्य को समय व स्टेक होल्डर की आवश्यकतानुसार सृजित करने को कहा जिससे समाज के हर तबके जैसे कि उत्पादक, विपणनकर्ता एवं उपभोक्ताओं को हमारे अनुसंधान लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि हमें अनुसंधान परियोजनाओं को विश्वविद्यालय की आय अर्जन की संभावनाओं को लक्ष्य बना कर करनी चाहिए साथ ही विश्वास जताया कि नई तकनीकियों एवं पेटेन्टस् के द्वारा विश्वविद्यालय की आय के साधन बढ़ेगें। डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि अनुसंधान परियोजनाओं के तकनीकी कार्यक्रम को राष्ट्रीय लक्ष्य को आधार मानते हुए करनी चाहिए एवं हर अनुसंधान का परोक्ष व अपरोक्ष लाभ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचनाओं, मांग आपूर्ति व कृषक जगत को सुदृढ़ करने में होना चाहिए। कुलपति महोदय ने बैठक विशेष आमंत्रित विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार माथुर, निदेशक, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद एवं डॉ. देव व्रत सिंह, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक (फार्म मशीनरी) भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर का स्वागत किया।इस अवसर पर डॉ. रवि कुमार माथुर, निदेशक, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को बायो पोलीमर से संबंधित अनुसंधान हेतु भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।उन्होंने समन्वित कृषि एवं फसल प्रणाली पर जोर देते हुए उन्नत तकनीकों के प्रभाव विश्लेषण करने, पेटेन्ट का व्यवसायिकरण करने, तकनीकी का मानचित्रण करने, संरक्षित कृषि पर अनुसंधान करने को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में आमंत्रित डॉ. देव व्रत सिंह, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक (फार्म मशीनरी) भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर के कार्य क्षेत्र में काम आने वाली किसान हितोपयोगी मशीनों को सुविधानुसार रूपान्तरित करके अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को केवल नौकरी नहीं समझें इसको एक जुनुन की तरह लेना चाहिए। बैठक के प्रारम्भ में अनुसंधान निदेशक डाॅ. अरविन्द वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में 31 अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं के साथ कुल 91 परियोजना संचालित हो रही है। कुलपति प्रताप सिंह, डॉ. रवि कुमार माथुर, निदेशक, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद एवं डॉ. देव व्रत सिंह, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक (फार्म मशीनरी) भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर का स्वागत किया। डॉ. वर्मा ने विगत 21वीं अनुसंधान परिषद् बैठक में लिये गये निर्णयों की अनुपालना रिपोर्ट एवं विश्वविद्यालय के गत 2 वर्षों में किये गए कृषि अनुसंधान पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में अनुसंधान निदेशालय के विभिन्न वैज्ञानिकगणों द्वारा लिखित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तकनीकी प्रगति बुलेटिन का विमोचन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के निदेशक, सभी संघटक महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्रों के निदेशक, विश्वविद्यालय के परियोजना प्रभारी, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष एवं कृषि विभाग राजस्थान सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।
उदयपुर, 24 अप्रैल। वैद्य भवानी शंकर राजकीय आयुर्वेद औषधालय, सुंदरवास, उदयपुर में पांच दिवसीय निःशुल्क पंचकर्म आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। कुल 178 रोगियों को पंचकर्म चिकित्सा तथा 106 रोगियों की फिजियोथेरेपी की। पंचकर्म चिकित्सा विधियों के अंतर्गत कटि बस्ती से 53, ग्रीवा बस्ती से 35, जानु बस्ती से 90, नस्य कर्म से 9 तथा बालुका स्वेद से 12 रोगियों का उपचार किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों का उपचार किया गया। वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. सरोज मेनारिया, पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. नितिन सेजु, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. हर्षिता सनाढ्य, वरिष्ठ कंपाउंडर प्रदीप व्यास, पंचकर्म थेरेपिस्ट चंद्रेश परमार,…
उदयपुर, 24 अप्रैल। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर में शनिवार, 25 अप्रैल को 27वां विश्व पशुचिकित्सा दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। संस्थान के उपनिदेशक डॉ. द्वारका प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ पशुचिकित्सक और संस्थान के प्रशिक्षणार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। डॉ. गुप्ता के अनुसार, इस वर्ष विश्व पशुचिकित्सा दिवस की थीम “पशुचिकित्सक- भोजन और स्वास्थ्य के संरक्षक” रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य फार्म से थाली तक की प्रक्रिया में पशुचिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करना है। पशुचिकित्सक यह सुनिश्चित करने में अहम कड़ी हैं कि पशुओं से प्राप्त भोजन सुरक्षित,…