धन से पहले धर्म, सदाचार और विवेक को जीवन में उतारें – प्रशांत अग्रवाल
उदयपुर, 4 नवंबर। दीपावली केवल धन-संपत्ति अर्जित करने का नहीं, बल्कि धर्म, सदाचार, विवेक और सेवा को जीवन में अपनाने का पर्व है। धन की सार्थकता तभी है, जब उससे स्वयं के साथ दूसरों के जीवन में भी खुशियां आएं। यह विचार नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने सेवातीर्थ स्थित वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में आयोजित ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने दीपावली से जुड़े धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से जीवन के नैतिक और व्यावहारिक संदेश समझाए। इनमें प्रह्लाद और इंद्र की कथा, लक्ष्मी-गणेश प्रसंग, समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर वध…
