सलूम्बर 26 अप्रैल। जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, सलूम्बर द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जनगणना कार्य निदेशालय, राजस्थान के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश रॉय सापेला की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जिला, तहसील एवं नगरीय निकाय स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को सुचारू, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराना है। जिला कलेक्टर के निर्देशन में जिला जनगणना अधिकारी द्वारा प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 मई से 15 मई 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं आवासीय विवरण एकत्र किए जाएंगे। इस कार्य के लिए नियुक्त प्रभारियों एवं सुपरवाइजरों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमएमएस पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग
डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा देते हुए जनगणना कार्य की मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित निगरानी रखें और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। साथ ही फील्ड कार्य की तैयारी, सत्यापन प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया।
डिजिटल एवं तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर
प्रशिक्षण में डिजिटल उपकरणों के उपयोग, मोबाइल ऐप संचालन, डेटा एंट्री एवं सत्यापन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए पोर्टल आधारित कार्य प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया।
जिले में कार्य की रूपरेखा तय
जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 6 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 5 तहसीलदार और 1 नगर परिषद आयुक्त शामिल हैं। जिले में 1155 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं, जिन पर 1160 प्रभारियों एवं 194 सुपरवाइजरों द्वारा कार्य किया जाएगा। यह कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक पूर्ण किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला जनगणना अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद प्रतिनिधि एवं सांख्यिकी विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
सलूम्बर में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, अधिकारियों को दिया गया गहन प्रशिक्षण
