परशुराम जन्मोत्सव पर शोभायात्रा : भगवान परशुराम की हुई आरती आराधना

प्रतीक जैन
खेरवाड़ा, कस्बे के प्राचीन दुर्ग स्थित श्रीराज राजेश्वर चिरंजीवी भगवान श्री परशुराम मंदिर खेरवाड़ा पर प्राकट्योत्सव पर्व आस्था एवं श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मंदिर के महंत भारत भूषण के सानिध्य में  वैदिक पद्द्ति से उपासना कर दूध, दधि, घृत, मधु, शर्करा द्वारा स्नान करा सुगंधित जल से स्नान कराया गया।  पूजा में भगवान विष्णु के अवतार को नए वस्त्र, यज्ञोपवीत, तुलसी के पत्र, कुमकुम, अक्षत, पुष्पमाला, सौभाग्य द्रव्यादि, गेहूं का सत्तू, चने की दाल, फूल, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, मिठाई, पंच मेवा, विशेषार्घ्य भेट की गई। समवेत स्वरों में आरती आराधना की गई। यह जन्मोत्सव सभी धर्म के सावों वाला उस युगपुरुष का हैं  जो समाज में न्याय की भावना के पक्षधर थे। अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
 भव्य शोभायात्रा निकाली गई ::
विप्र फाउंडेशन के अध्यक्ष हितेश जोशी के तत्वावधान में दोपहर बाद कस्बे के विभिन्न मार्गों से बैंड बाजे की धुन पर सजी धजी बग्गी पर भगवान परशुराम को बिराजमान कर विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा राम मंदिर से भगवान परशुराम की पूजा अर्चना करने के बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई। मार्ग में निचला खेरवाड़ा, शीतला माता चौक,तहसील रोड, पुराना बस स्टेंड, शास्त्री बाजार, सदर बाजार, आजाद चौक में कस्बा वासियों द्वारा पुष्प वृष्टि कर स्वागत किया गया साथ ही कई स्थान पर स्वागत द्वार भी लगाए गए। शोभा यात्रा में भगवान परशुराम की कई प्रकार की झांकीया भी सजाई गई। पूरा कस्बा भगवान परशुराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मार्ग में जलपान एवं शीतल पेयजल की भी व्यवस्था की गई। शोभा यात्रा में अधिकतर पुरुषों ने शुभ्र वेश धारण कर एवं महिलाओं ने केसरिया साड़ी पहन कर भाग लिया। शोभायात्रा में कस्बे सहित सुंदरा, छाणी, नयागांव, थाना, सरेरा, पहाडा , बावलवाड़ा, बरोठी, कारछा , झुंथरी सहित कई गांव के सैकड़ो की संख्या में विप्रजन मौजूद रहे। शोभायात्रा के समापन पर राम वाटिका में स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया।
By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!