उदयपुर, 26 दिसम्बर : उदयपुर नगर निगम में 33 नए गांव शामिल किए गए हैं। इसी के साथ अब नगर निगम क्षेत्र का विस्तार 17 किलोमीटर तक हो गया है, जो पहले आठ किलोमीटर क्षेत्र में था। नए गांवों को शामिल किए जाने की अधिसूचना गुरुवार को राज्य सरकार ने जारी की है। इसके बाद निगम क्षेत्र में शामिल नए गांवों का विकास शहरी तर्ज पर होगा। इससे पहले राज्य सरकार ने उदयपुर नगर निकाय की सीमा का विस्तार 1969 में किया था।
स्वायत शासन निदेशक कुमार पाल गौतम के अधिसूचना जारी होने के बाद निगम के वार्डों की संख्या भी बढ़ जाएगी। फिलहाल निगम में 70 वार्ड हैं, जबकि विस्तार के बाद 80 वार्ड होने की संभावना है। जिला कलेक्टर एवं निगम प्रशासक अरविंद पोसवाल ने गत 27 नवम्बर को नगर निगम सीमा विस्तार का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। नए विस्तार क्षेत्र में शामिल 33 गांवों के 1 लाख 5 हजार 564 लोगों की आबादी भी निगम एरिया में होगी, उनमें शामिल मतदाता अब पंच—सरपंच की जगह वार्ड पार्षद चुनेंगे। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में लगभग 4.51 लाख की आबादी थी। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश ने बताया कि 55 वर्षों पश्चात नगर निगम क्षेत्र का विस्तार कर 19 ग्राम पंचायत के 34 गांवों को निगम क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है। हालांकि शहरी निकाय ने 2008 और 2012 में तत्कालीन राजस्व अधिकारी नितेश भटनागर भी विस्तार का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था।
निगम सीमा में गांव
बड़गांव, हवाला कला, हवाला खुर्द, बेदला, बेदला खुर्द, भुवाणा, रूपनगर, सापेटिया, सुखेर, शोभागपुरा, रेबारियों का गुड़ा, रघुनाथपुरा, सीसारमा, बलीचा, डाकन कोटड़ा, धोल की पाटी, सवीना खेड़ा, देवाली, नेला, जोगी तालाब, तितरड़ी, बीलिया, फांदा, गुखर मंगरी, देबारी, झरणों की सराय, भोइयों की पचोली, धोलीमगरी, बेड़वास, रकमपुरा, कलड़वास, मनवाखेड़ा, कानपुर, आयड़ ग्रामीण, देवाली (फतहपुरा) को निगम सीमा में शामिल किया गया है।
निगम की बढ़ेगी आय
19 ग्राम पंचायत के 33 गांवों को निगम में सम्मिलित किए जाने से उसकी आय में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही उदयपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में पहले से निर्मित शॉपिंग मॉल, बड़े-बड़े व्यवसायिक भवन, शोरूम, पार्किंग स्थल, होटल, रिजॉर्ट, बड़ी वाटिकाओं से नगर निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। नगर निगम द्वारा भू उपयोग परिवर्तन, भवन निर्माण अनुमति मद के अलावा नगरीय विकास कर आदि से भी आय अर्जित होगी। ग्राम पंचायत की सरकारी संपत्ति भी बेचकर कर निगम आय अर्जित कर सकेगा।
सृजित होंगे नए पद
नगर निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ने से निगम में कर्मचारी अधिकारियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। सीमा क्षेत्र बढ़ने के कारण नगर निगम में अधिकारी एवं कर्मचारियों के नए पद सृजित होंगे। नए सेक्टर कार्यालय खोले जाएंगे। साथ ही निगम द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का विस्तारीकरण भी किया जाएगा।
पंचायतों में अब आसानी से हो पाएंगे बड़े काम: जैन
शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताया कि लम्बे समय से उदयपुर नगर निगम क्षेत्र के विस्तार का प्रयास किया जा रहा था और प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवाया था। जैन ने इन पंचायतों को निगम क्षेत्र में शामिल करने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब निगम क्षेत्र में शामिल पंचायतों और गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
निगम सीमा विस्तार आमजन की जीत: चौधरी
पेराफेरी क्षेत्र पंचायतों का परिसीमन कर जारी की गई अधिसूचना को कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष कचरूलाल चौधरी ने आमजन की जीत बताया और कहा कि नगर निगम सीमा में आने पर इन क्षेत्रों का विकास होगा। कांग्रेस देहात कमेटी ने राज्य सरकार को जिला कलेक्टर के माध्यम से इस संबंध में ज्ञापन भेजा था। पार्टी के जिला प्रवक्ता डॉ. संजीव राजपुरोहित ने कहा कि अब यूडीए क्षेत्र की कॉलोनियों में भी सड़क, रोड लाइट, नल कनेक्शन और कचरा निस्तारण जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
उदयपुर नगर निगम में जुड़े 33 गांव
