उदयपुर। आगामी 15 नवम्बर से 17 नवम्बर तक उदयपुर के आर. एन. टी. मेडिकल कॉलेज के एन. एल. टी. हॉल में प्रतिरोध सिनेमा अभियान का नौवाँ उदयपुर फ़िल्म फ़ेस्टिवल सम्पन्न होगा। इस बार का फोकस राजस्थान के युवा फ़िल्मकारों की फ़िल्में रहेंगी। इन फ़िल्मों का चयन आठ लोगों की जूरी द्वारा राज्य स्तरीय अभियान के द्वारा किया गया जिसमें कुल 130 प्रविष्टियाँ आईं। इन 130 प्रविष्टियों में से 14 फ़िल्मकारों की फ़िल्मों का चयन किया गया। इन फ़िल्मों की अवधि 2 मिनट से लेकर 15 मिनट की है। फ़िल्म फ़ेस्टिवल के दौरान ये सभी फ़िल्मकार फ़िल्म की स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों के साथ बातचीत के लिए उपलब्ध रहेंगे।
2014 से शुरू हुआ उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल प्रतिरोध का सिनेमा अभियान के राष्ट्रव्यापी अभियान का अभिन्न हिस्सा है। ‘प्रतिरोध का सिनेमा अभियान’ ( सीओआर) आम लोगों के बीच वैकल्पिक या नए सिनेमा को ले जाने का काम करता है। 2006 में गोरखपुर से शुरू हुआ यह अभियान पूरे उत्तर भारत में सिनेमा स्क्रीनिंग के जरिये एक वैकल्पिक सांस्कृतिक स्पेस बनाने की कोशिश में जुटा है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम अर्थपूर्ण सिनेमा को क़स्बों , गाँवों और सामुदायिक जगहों पर ले जा सकें। फ़िल्मों के जरिये हम विभिन्न मुद्दों पर लोगों को एकजुट करने की कोशिश करते हैं।
हम किसी भी तरह की कॉरपोरेट फंडिंग नहीं लेते हैं। हमारा विश्वास है कि जनता का सिनेमा जनता के सहयोग से ही संभव होगा। हमारे सारे आयोजन सिर्फ जन सहयोग से संचालित होते हैं। बिना किसी स्पॉन्सरशिप के अभी तक हमने 73 फ़िल्म फ़ेस्टिवल सफलतापूर्वक आयोजित किये हैं। इन सारे फेस्टिवलों में सिनेमा और दूसरे कला माध्यमों की तमाम मशहूर हस्तियों ने हिस्सा लिया है। बड़े फ़िल्म फेस्टिवलों के अलावा प्रतिरोध का सिनेमा की विभिन्न इकाइयाँ स्थानीय स्तर पर आम लोगों के बीच नियमित तौर पर सिनेमा दिखाने का काम भी करती हैं।
नौवें उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल में कुल 7 कथा फ़िल्मों , 1 प्रयोगात्मक फ़िल्म और 16 दस्तावेज़ी फिल्मों का प्रदर्शन होगा।
फेस्टिवल में सिनेमा इन स्कूल अभियान की विशेष प्रस्तुति के बतौर थारू आदिवासियों के जीवन से सम्बंधित दस्तावेज़ी फिल्म ‘थारू ईको वीव्स’ का प्रदर्शन भी होगा जिसका निर्माण उत्तराखंड की तराई में स्थित नानकमत्ता पब्लिक स्कूल के थारू विद्यार्थियों ने किया है। ये विद्यार्थी फ़िल्मकार भी बातचीत के लिए उपलब्ध रहेंगे।
फेस्टिवल का एक और आकर्षण फ़िलिस्तीनी फिल्मों के पैकेज का रहेगा जिसका क्यूरेशन जयपुर में ओरलिटीज़ संस्था के संचालक विनीत अग्रवाल ने किया है।
फ़िल्म समारोह में राजस्थान के 14 युवा फ़िल्मकारो के अलावा अहमदाबाद से संजीव शाह , राँची से बीजू टोप्पो और कुर्दुला कुजूर, भोपाल से मुस्कान, बाड़मेर से भूपेंद्र , जयपुर से विनीत अग्रवाल , नानकमत्ता से प्रमोद कांडपाल , स्नेहा राणा और मयंक राणा उपस्थित रहेंगे।
हर बार की तरह इस बार भी नवारुण प्रकाशन के स्टाल पर विभिन्न विषयों की किताबें और कविता पोस्टर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।हर बार की तरह इस बार भी फेस्टिवल में शामिल होने के लिए किसी भी तरह के निमंत्रण या प्रवेश टिकट की ज़रूरत नहीं है। यह सारा आयोजन आम जन के सहयोग से ही संचालित होता है इसलिए हम अधिकाधिक लोगों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं।
नौवाँ उदयपुर फ़िल्म फ़ेस्टिवल मानवाधिकार कार्यकर्ता जी. एन. साईबाबा और फ़िलिस्तीन के नरसंहार में मारे जा रहे हज़ारों मासूम बच्चों की याद में किया जा रहा है।
