फतहनगर। मावली ब्लॉक में कार्यरत तृतीय श्रेणी लेवल-प्रथम के शिक्षकों ने शनिवार को आयोजित एक दिवसीय बहु भाषायी कार्यशाला में स्थानीय भाषा का शिक्षण में उपयोग एवं उसका महत्व जाना। कार्यशाला का आयोजन पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मावली के सभागार में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार सुथार के सानिध्य में किया गया। शुभारंभ अवसर पर मंचासीन अतिथि प्रधानाचार्य वाक्पीठ अध्यक्ष उमेश माहेश्वरी, सभाध्यक्ष मोहनलाल स्वर्णकार, मनोज कुमार समदानी, आशीष कुमावत आदि ने माँ शारदे की तस्वीर के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन किया। इसके बाद दक्ष प्रशिक्षक सोहनलाल बुनकर व गौत्तमलाल तिरगर ने पीपीटी के माध्यम से स्थानीय भाषा/मातृभाषा आधारित शिक्षण की अवधारणा व प्रमुख रणनीतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छोटी कक्षाओं में आने वाले बच्चों के साथ स्थानीय बोल चाल के शब्दों का अधिकतम प्रयोग करते हुए बच्चों से जुड़ने का प्रयास करें। इससे शिक्षा के प्रति नन्हें बच्चों की रुचि जाग्रत होगी। इस क्षेत्र में कार्यरत बाहर के शिक्षक स्थानीय भाषा को सीखने का प्रयास करें तथा छोटी कक्षाओं में इसका उपयोग कर बच्चों से जुड़ें। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में लेवल प्रथम के शिक्षकों ने स्थानीय भाषा को लेकर अपने अनुभव भी शेयर किए। पीईईओ राजेन्द्रसिंह दलावत ने भी लोकल भाषा को लेकर विचार व्यक्त किए तथा बताया कि बच्चों को आगे की कक्षाओं के लिए तैयार करने में इसका बड़ा महत्व है। इसर को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी इसका उल्लेख किया गया है। शुभारंभ अवसर पर स्वागत रस्म अदायगी व्यवस्थापक महेश विजयवर्गीय द्वारा की गयी जबकि संचालन मनोज कुमार पाठक ने किया। कार्यशाला में मावली ब्लॉक के समस्त पीईईओ, यूसीइओ एवं प्रत्येक पीईईओ स्तर से लेवल प्रथम के एक-एक शिक्षक ने भाग लिया। कार्यशाला के समापन के बाद सीबीईओ सुथार ने सभी पीईईओ की एक बैठक ली तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए समय पर लक्ष्य पूर्ति को निर्देश प्रदान किए।
बहुभाषायी कार्यशाला में शिक्षकों ने जाना स्थानीय भाषा का शिक्षण में महत्व
