– सांसद डॉ मन्नालाल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री को लिखा पत्र
– मंदिर को पुरातत्व विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने की रखी मांग
उदयपुर, 20 अगस्त। जन – जन के आस्था केंद्र देवसोमनाथ मंदिर (डूंगरपुर) की जर्जर हो रही हालात को देखते हुए इसके पुनः निर्माण के प्रयास शुरू हो गए हैं।
लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिख कर देवसोमनाथ मंदिर को पुरातत्व विभाग के नियंत्रण से बाहर करने की मांग की है, जिससे जनभावनाओं के अनुरूप महाकाल लोक उज्जैन, विश्वनाथ एवं काशी की तर्ज पर देवसोमनाथ मंदिर के पुनः निर्माण को मूर्त रूप दिया जा सके। सांसद रावत ने अपने पत्र के जरिए केंद्रीय संस्कृति मंत्री को अवगत कराया कि आसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित देवसोमनाथ मंदिर की मान्यता सोमनाथ (सौराष्ट्र, गुजरात) के बराबर है, लेकिन रख- रखाव के अभाव में यह कीमती धरोहर नष्ट हो रही है। मंदिर दिनों दिन जर्जर हो रहा है। इसकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिर परिसर में आवारा पशु तक स्वछंद वितरण करते रहते हैं। पुरातव विभाग (एएसआई) के अधीन होने से यहां रख रखाव व निर्माण कार्यों पर निषेधात्मक प्रावधान लागू हैं। इस कारण अथाह जन आस्थाओं का केंद्र होने के बावजूद जर्जर हो रहे देव सोमनाथ मंदिर का जीर्णाेद्धार नहीं हो पा रहा। इससे श्रद्धालुओं की भावना को गहरी ठेस पंहुच रही है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री को बताया कि सरकार ने स्थानीय निवासियों की भावना को जाने बिना ही सन् 1951 में अधिसूचना जारी कर इस मंदिर को पुरातत्व विभाग के अधीन ले लिया था। कानूनी पेचीदगियों के चलते उस समय इस अधिसूचना पर किसी का सरकार से संवाद नहीं हो सका। अब सभी चाहते हैं कि इस मंदिर को पुरातत्व विभाग (एएसआई) से डी- नॉटीफाइड किया जाए। अतः यहां पुनर्निर्माण को मूर्त रूप देने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
राज्यपाल श्री कटारिया करेंगे भटनागर की अरण्यम् पुस्तक का विमोचन
आज विद्यापीठ में आयोजित होगा विमोचन समारोह
उदयपुर 20 अगस्त। सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक, एनटीसीए के सदस्य और ग्रीन पीपल सोसाइटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर की हाल ही में लिखित पुस्तक अरण्यम् का विमोचन बुधवार को पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया के हाथों किया जाएगा।
भटनागर ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे प्रताप नगर स्थित राजस्थान विद्यापीठ के आईटी सभागार में आयोजित समारोह में श्अरण्यमश् पुस्तक का विमोचन पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया के कर कमलों से होगा।
