बांसवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन योजना ops को लेकर रणनीति स्पष्ट करने की मांग करते हुवे निवेदन किया है कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जितने पर एक दिन की सांसदी और विधायकी पर एक से अधिक पेंशन मिल रही है जबकि राज्य कर्मचारी को 33 साल से अधिक की सेवा पर वेतन से कटौती प्रतिमाह करने पर सयुक्त रूप से इक्कठ्ठी होकर पेंशन प्राप्त होती है।
संगठन के प्रदेश प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों और शिक्षकों का सेवानिवर्ती पर भरण पोषण आहार का एक मात्र साधन हैं उसे निर्बाध रूप से जारी रखा जाना चाहिए। ओ पी एस में किसी भी तरह के परिवर्तन का संगठन लोकतंत्रात्मक पद्धति से विरोध करेगा।
शर्मा जयपुर स्थित प्रांतीय कार्यालय में आगामी प्रांतीय अधिवेशन की तैयारी बैठक में उपस्थित शिक्षकों की हाई पावर कमेटी को संबोधित कर रहे थे।
शर्मा ने विधायको के शिक्षा विभागीय समस्याओ पर त्वरित प्रश्न का स्वागत करते हुवे कहा कि पुरानी पेंशन योजना भरण पोषण जीविका चलाने का एक मात्र साधन हैं जिस पर कोई परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है बल्कि शिक्षक और कर्मचारियों को डबल इंजिन सरकार के घोषणा पत्र ,गारंटीओ के पूरे होने जिनमें एक लाख रिक्त पदों पर भर्ती, चार साल से रुकी पदोन्नति,और दो दशक से सरकारी स्कूलों में रंग रोगन बजट, दिव्याँग कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण,केंद्र अनुरूप दिव्यांग वाहन भत्ता 3600रु प्रतिमाह किए जाने, नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संगत फैकल्टी भरने,शिक्षक छात्र छात्राओं का अनुपात के अनुरूप नवीन पदों का सृजन करने सहित राजकीय विद्यालय में कक्षा पहली से बारहवीं कक्षा तक तमाम संसाधन उपलब्ध कराने का इंतजार है ।
बैठक के पश्चयात वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्य मंत्री,शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर को प्रांतीय अधिवेशन कोटा में निमंत्रण पत्र और शिक्षकों की समस्याओं का मांग पत्र सौंपा।
