डोडा—पोस्त लोड कर रहे थे बदमाश, पुलिस की टीम को देखकर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश
उदयपुर। चित्तौड़गढ़ में डोडा पोस्त की तस्करी रोकने पहुंचे पुलिस दल पर तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। जिसमें एक कांस्टेबल बाल—बाल बच गया। पुलिस ने बचाव में फायरिंग की। तस्करों के भाग निकलने के बाद पुलिस ने जब जांच की तो एक खेत में अंडरग्राउंड कमरा मिला, जिसमें तस्करी के लिए डोडा—चूरा भरा हुआ था।
मिली जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले में भदेसर थाना पुलिस का दस्ता मुखबिर की सूचना पर सोमवार रात सांड गांव में दबिश देने पहुंचा था। उसे पता चला कि इस गांव में डोडा—चूरा तस्कर सक्रिय हैं और यहां से डोडा—चूरा की सप्लाई की जानी है। पुलिस जब मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंचा तो बताए गए स्थान पर तस्कर एक गाड़ी में डोडा—चूरा लाद रहे थे। पुलिस उनके पास पहुंचती, इससे पहले तस्करों को भनक लग गई ओर उन्होंने घटनास्थल पर आ रहे पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चलाकर उन्हें कुचलने की कोशिश की। तस्करों पुलिसकर्मियों को कुचलते, उससे पहले थानाधिकारी अपनी निजी गाड़ी लेकर आड़े आ गए तथा तस्करों की गाड़ी से टकरा गए। हादसे में कांस्टेबल बाल—बाल बच गया। जिसके बाद पुलिस ने दो राउंड फायर किए और तस्कर वहां से फरार हो गए।
खेत में मिला गुप्त कमरा
पुलिस जब घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची, तब पुलिस को खेत में कच्चे फर्स को देखकर शंका हुई। जिसकी मिट्टी हटाकर देखा तो नीचे एक दरवाजा निकला, जो नीचे एक कमरे में जाता था। वहां एक अंडरग्राउंड कमरा मिला, जिसमें लोहे की सीढ़ियों से ही उतरा जा सकता था। उस कमरे में डोडा—चूरा बिखरा पडद्या था। जिसे बाहर निकाला तो वह 14 किलो 200 ग्राम निकला। पुलिस ने खेत मालिक रामलाल सहित तीन अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच शंभूपुरा थानाधिकारी मोतीराम को सौंपी गई है।
कमरे में मिली लोडेड पिस्टल
पुलिस की जांच में गुप्त कमरे में एक लोडेड पिस्टल भी बरामद हुई। वहां एक मोबाइल भी बरामद हुआ। उसके अलावा छह जिंदा कारतूस भी मिले। पुलिस मोबाइल के जरिए इसका पता लगाने में जुटी है कि यह पिस्टल यहां कौन लाया और उसका मकसद क्या रहा होगा।
तस्करों ने पुलिस दल को कुचलने की कोशिश की, पुलिस को करनी पड़ी फायरिंग
