फतहनगर। मावली सीट को लेकर आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। हर बार अपने साथ कुठाराघात के बाद आज कुलदीपसिंह ने न केवल आर.एल.पी. का दामन थाम लिया अपितु भारी भीड़ के साथ अपना नामांकन दाखिल कर भाजपा के उन नेताओं को सकते में डाल दिया जिन्होने कुलदीपसिंह को हल्के में आंकते हुए जातिगत समीकरण बिठाते हुए अप्रत्याशित रूप से उम्मीद्वार खड़ा कर दिया।
जैसे ही भाजपा ने कृष्णगोपाल पालीवाल को उम्मीद्वार घोषित किया चुण्डावत समर्थकों ने सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर पार्टी के नेताओं को खूब खरी खोटी सुनाई। आज जब चुण्डावत नामांकन दाखिले के लिए उपखण्ड कार्यालय पहुंचे तो उनके साथ कार्यकर्ताओं का भारी लवाजमा भाजपा नेताओं को सकते में डाल गया। चुण्डावत के पुनः नामांकन उठाने की संभावनाएं क्षीण है। चुण्डावत जाना माना चेहरा है तथा चुनावों की घोषणा से पहले ही पूरी विधानसभा का एक-एक गांव नाप लिया था। भाजपा उम्मीद्वार यों तो पुराना पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता है लेकिन तहसील में काफी समय से सक्रियता नहीं देखी गयी जिससे कई लोग पालीवाल से अनजान भी हैं। भाजपा का टिकिट एन वक्त पर फाइनल होने से पार्टी के प्रचार को अभी धार मिलना भी बाकी है। चुण्डावत के मैदान में रहने से कांग्रेस के पुष्कर डांगी को संजीवनी मिलेगी तथा उनकी राहें काफी आसान हो जाएगी। भाजपा को मुकाबले में आने के लिए काफी मेहनत की आवश्यकता है।
