उदयपुर। गाय के बछड़ों की तस्करी कर कत्लखाने ले जाने वाले गौ तस्कर की सजा की अपील को सुनवाई के बाद विशिष्ट नयायालय अजा अजजा की अदालत ने नामंजूर कर सजा के फैसले को बहाल रखने के आदेश दिए और आरोपी को सजा भुगतने के लिए केंद्रीय कारागृह भेज दिया।
प्रकरण के अनुसार एक नवम्बर 2019 को न्यायिक मजिस्ट्रेट भीण्डर ने गौ वंशीय पशु (वध एवं प्रतिशेध एवं अस्थायी प्रवजन या निर्यात का विनियमन अधिनियम 1955 की धारा 6/8,9 में) गौ तस्कर अम्बेडकर कॉलोनी कोतवाली भीलवाड़ा निवासी गौरू पुत्र गंगाराम बंजारा को दोषी करार देते हुए एक वर्ष कठोर कारावास व दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने जिला एंव सेशन न्यायालय में अपील की, जहां से निस्तारण के लिए विशिष्ट न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेटा अजा/अजजा अनिप्र की अदालत में आई। पीठासीन अधिकारी ज्योति के सोनी ने अपील पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को त्रुटिहीन मानते हुए अपील को सुनवाई के बाद अस्वीकार कर फैसले को बहाल रखने के आदेश दिए। स्मरण रहे 28 दिसंब्र 2011 को घनश्यामलाल ने भीण्डर थाने में रिपोर्ट दी कि वह अपने दोस्तों के साथ बस स्टेण्ड पर बैठा था कीर की चौकी की तरफ से टरबो ट्रक गुजरात नंबर की आ रही थी। उसको रोका उसमें चालक गौरू बंजारा व उसका साथी करमा ट्रक में सवार थे। ट्रक में ठूंस ठूंस कर दो से पांच वर्ष आयु के 26 गायों के बछड़े भरे हुए थे जिन्हें कत्लखाने ले जाया जा रहा था।
गाय के बछड़ों की तस्करी कर कत्लखाने ले जाने वाले गौ तस्कर की, सजा बहाल
