कलक्टर ने मांगा आठ अगस्त तक का समय
उदयपुर। राजस्थान वित्त निगम के जरिए नीलामी में खरीदे उद्योग की संपत्ति खरीदार उद्योगपति के नाम नहीं करने के मामले में सिविल न्यायालय भीलवाड़ा ने मंगलवार को जिला कलक्टर सुशील मोदी तथा तहसीलदार की कुर्सी तथा वाहन जब्त करने के आदेश दिए। जिसके बाद
सिविल न्यायालय भीलवाड़ा संख्या 3 के आदेश पर न्यायिक कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला कलक्टर आशीष मोदी की कुर्सी,टेबल, उनके सरकारी वाहन तथा तहसीलदार की कुर्सी,टेबल एवं उनके सरकारी वाहन को जब्त करने की कार्यवाही शुरू की। बताया गया कि सुवाणा निवासी उद्योगपति सुशील कुमार ने वर्ष 2005 में शांति इण्डस्ट्रीज नामक फर्म की संपत्ति राजस्थान वित्त निगम द्वारा घोषित नीलामी के जरिये खरीदी थी। पूरी राशि भुगतान किए जाने के बाद भी तत्कालीन तहसीलदार ने नामांतरण नहीं खोला। जिस पर सुशील कुमार ने वर्ष 2005 में सिविल न्यायालय संख्या 3 में जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जिस पर न्यायालय ने वर्ष 2015 में नामांतरण खोलने के आदेश दिए थे। अदालत के आदेश की पालना नहीं करने पर सुशील कुमार ने न्यायालय में याचिका लगाई। जिसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने जिला कलेक्टर की कुर्सी, टेबल एवं सरकारी वाहन तथा तहसीलदार की कुर्सी,टेबल एवं सरकारी वाहन जब्त करने के आदेश दिए। आदेश की पालना में न्यायिक कर्मचारी कैलाश चन्द्र, परिवादी सुशील कुमार, उनके अधिवक्ता दीपक कोठारी जिला कलक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जहां कलेक्टर कार्यालय में उनकी कुर्सी की जब्ती की कार्यवाही प्रारंभ की तो उपस्थित कर्मचारियों ने आॅफिस गेट को बंद कर दिया। आधा घंटे इंतजार करने के बाद भी गेट नहीं खुला तो न्यायिक कर्मचारियों ने कलेक्टर की गाडी जब्त करने की कार्यवाही प्रारंभ की। इसी दौरान कलेक्टर के आश्वासन के बाद कार्यवाही 8 अगस्त तक रोक दी गई।
इनका कहना है
न्यायालय के आदेश की पालना हेतु न्यायिक कर्मचारी आए थे। पूर्व तहसीलदारों की गलती रही है। उनके खिलाफ कार्यवाही के लिये राज्य सरकार को पत्र लिखा जायेगा।
आशीष मोदी, जिला कलक्टर, भीलवाड़ा
