कांग्रेस पार्षद के पति ने जेईएन को घर बुलाकर पीटा, गिरफ्तार

राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज
उदयपुर। जिले के कानोड़ नगर पालिका में कांग्रेस की महिला पार्षद सोनिया के पति अल्ताफ बागवान के कनिष्ठ अभियंता(जेईएन)जयराम मीणा की पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना से पहले महिला पार्षद के पति ने जेईएन को अपने घर बुलाया था और उनके बीच किसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि पार्षद पति ने जेईएन के उपर हाथ उठा दिया। जेईएन के राजकार्य में बाधा के साथ मारपीट तथा एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी पार्षद पति को गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा तथा जनता सेना के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के कानोड़ थाने के बाद प्रदर्शन को के बाद माहौल गर्माता देख वल्लभनगर डिप्टी रविन्द्र प्रताप सिंह, एसडीएम मोनिका जाखड़, तहसीलदार मोबिन मोहम्मद, भींडर थानाधिकारी पूनाराम गुर्जर और कानोड़ थानाधिकारी मनीष खोईवाल जाब्ते के साथ मौजूद रहे। वल्लभनगर डिप्टी ने भाजपा पदाधिकारियों को कहा कि गुरुवार रात 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया है अभी मामले में बयान और मौका मुआयना करना है। जो भी कानूनी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
पार्षद को निलंबित करने की मांग
इधर, सूचना पर भाजपा और जनता सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कानोड़ थाने पर पहुंचे और सोनिया बागवान को निलंबित करने की मांग की। भाजपा और जनता सेना के पार्षद हाथ में लाल डायरी लेकर भ्रष्टाचार की जांच करने की मांग के नारे लगाते रहे। सैकड़ों की संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और कांग्रेस पार्षद पति की गिरफ्तारी की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए।
जबरन फाइलें घर ले गए पार्षद पति, फिर बुलाकर की मारपीट
जेईएन जयराम मीणा ने थाने मे दी रिपोर्ट में बताया है कि 27 जुलाई सुबह 11:30 बजे पार्षद पति ने दफ्तर आकर मुझसे फाइलें मांगी। नहीं देने पर मेरे साथ मारपीट करते हुए कुछ फाइलें जबर्दस्ती उठाकर ले गए। फिर रात 9 बजे मैंने फाइलें वापस मांगने के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझे घर बुलाया। जहां मुझसे फाइलों पर जबरन हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया। मैंने मना किया तो मुझे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। साथ ही एक स्टाम्प पेपर पर डरा-धमकाकर साइन कराने का दबाव बनाया।
मनरेगा से संबंधित थी फाइलें, गड़बड़ी की आशंका
पार्षद पति पर जो फाइलें जेईएन के दफ्तर से उठाकर घर ले जाने का आरोप लगा है। वह फाइलें मनरेगा से संबंधित थीं। स्थानीय लोगों न आशंका जताई है कि पार्षद पति फाइलों में गड़बड़ी कर सकता है। हालांकि पुलिस जांच में ही ये स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर फाइलों में क्या था और पार्षद पति उन फाइलों को क्यों उठाकर ले गया।

By Udaipurviews

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