लोपड़ा कांड को ऑफिसर केस स्कीम में लिया, अगले मंगलवार को पुलिस पेश कर देगी चालान

उदयपुर। जिले के मावली क्षेत्र के लोपड़ा कांड को पुलिस ने आॅॅफिसर केस स्कीम में ले लिया है। जिसके तहत पुलिस जल्द ही जांच पूरी कर 11 अप्रेल को चालान पेश करने में जुटी है। मामले की जांच उप अधीक्षक कैलाश कुंवर कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि आठ साल की बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या के बाद उसके दस टुकड़े करने के मामले में पुलिस ने कमलेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366ए, 342, 302, 201, 376(ए)(बी), पॉक्साे एक्ट की धारा 3(2)(वीए)(वी), एससी/एसटी एक्ट की धारा 88 जेजे के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें दुष्कर्म, नाबालिग से दुष्कर्म, हत्या, आर्म्स एक्ट, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को प्रताड़ित करने जैसे आरोप हैं। जबकि उसके पिता रामसिंह तथा मां कैलाश कुंवर के खिलाफ हत्या के बाद बालिका का शव ठिकाने पर लगाने का आरोप है।
उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा संभव
मिली जानकारी के अनुसार आरोप साबित होने पर कमलेश को आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। वहीं, हत्या के बाद बच्ची के शव को ठिकाने लगाने में मदद करने की आरोपी मां कैलाश कुंवर और पिता रामसिंह के खिलाफ अलग से चार्जशीट पेश की जाएगी। तीनों अभी जेल में बंद हैं। एडवोकेट यतीन्द्र दाधीच ने बताया कि आईपीसी की धारा 363 के तहत सात वर्ष की सजा और जुर्माना, 366 ए के तहत 10 वर्ष की सजा और जुर्माना, 342 के तहत एक साल की कैद के सथ जुर्माना, 302 के तहत उम्रकैद या फांसी और जुर्माना, 201 के तहत सात साल की कैद और जुर्माना, धारा 376 के तहत उम्रकैद या फांसी तथा जुर्माना, पोक्सो एक्ट की धारा 3(2)(वीए) और 3(2)(वी)के तहत दस—दस साल की कैद और जुर्माना, अनुसूचित जाति—जनजाति एक्ट के तहत दस साल की कैद और जुर्माना के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 एक से तीन साल की सजा के साथ जुर्माने का प्रावधन है।
यह था मामला
गौरतलब है कि 29 मार्च को स्कूल से लौटने के बाद बालिका अपरान्ह चार बजे अपने घर लौटी थी। स्कूल के कपड़े बदलकर वह अपने ताऊजी के यहां जाने की कहकर घर से निकली थी। काफी देर तक जब वह नहीं लौटी तो पिता ने उसके लापता होने का मामला दर्ज कराया था। एक अप्रैल को पीड़िता के शव के टुकड़े उसके घर से थोड़ी दूर खंडहर से बरामद हुए। पुलिस ने संदेह के आधार पर कमलेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसने बालिका से दुष्कर्म कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद लंबी छुरी सेउसके शरीर को दस टुकड़ों में बांट दिया था।
हत्या के बाद भी दुष्कर्म
पुलिस ने बताया कि 29 मार्च को दिन में बच्ची अपने खेत पर जा रही थी, तभी आरोपी कमलेश ने उसका अपहरण कर लिया। वह उसे अपने घर ले गया तथा वहां उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया लेकिन बालिका के शोर मचाने पर उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी के दिमाग में हैवानियत इतनी थी बालिका के मरने के बाद उसने दुष्कर्म किया था। होश में आने के बाद कूट से बालिका के शरीर के दस टुकड़े कर प्लास्टिक की दो थैलियां में भरे और मौका पाकर पास ही बने खंडहर मकान में फेंक दिए थे। पुलिस के मुताबिक इस काम में आरोपी की मदद उसके माता—पिता ने भी की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के माता—पिता को भी गिरफ्तार कर लिया था।

By Udaipurviews

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