विद्यापीठ परिसर की पवित्र मिट्टी ‘क्लाइमेट सत्याग्रह आश्रम’ के शिलान्यास पर नींव हेतु प्रेषित
विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मिलेगा हेड, हार्ट एवं हैंड्स पर आधारित आवासीय प्रशिक्षण – प्रो. मंजू मांडोत
उदयपुर / 3 नवम्बर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर ने पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनर्जी स्वराज फाउंडेशन द्वारा मध्य प्रदेश के खरगोन में स्थापित किए जा रहे देश के पहले ‘क्लाइमेट सत्याग्रह आश्रम’ के साथ संस्थागत साझेदारी की है।
इस ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत विद्यापीठ के कुलाधिपति श्री बी.एल. गुर्जर, कुलपति प्रो. मंजू मांडोत, कुलसचिव डॉ. तरुण श्रीमाली के मार्गदर्शन व डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी के संयुक्त प्रयासों से साझेदारी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित कर भेजा गया। इसके साथ ही “एक पृथ्वी, एक जिम्मेदारी” के वैश्विक संकल्प के प्रतीक स्वरूप विद्यापीठ परिसर से एकत्रित एक मुट्ठी पवित्र मिट्टी भी आश्रम के शिलान्यास हेतु विधिवत प्रेषित की गई।
*”सीमित धरती पर सीमित जीवन का आग्रह”*
कुलाधिपति श्री बी.एल. गुर्जर ने इस अवसर पर कहा कि प्रो. चेतन सिंह सोलंकी (पूर्व प्रोफेसर, आईआईटी बॉम्बे) द्वारा विगत छह वर्षों से संचालित ‘एनर्जी स्वराज यात्रा’ के विस्तार स्वरूप यह आश्रम स्थापित हो रहा है। हमारी धरती और इसके संसाधन सीमित हैं, इसलिए प्रकृति के संतुलन हेतु मानवीय उपभोग का भी सीमित होना आवश्यक है। राजस्थान विद्यापीठ सदैव मूल्य-आधारित एवं प्रकृति-सम्मत शिक्षा का पक्षधर रहा है।
कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने जानकारी दी कि राजस्थान विद्यापीठ को आश्रम के ‘संस्थापक भागीदार’ के रूप में स्थायी अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा। इस साझेदारी के अंतर्गत विद्यापीठ के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आश्रम में गांधीवादी दर्शन- हेड, हार्ट एवं हैंड्स पर आधारित आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आगामी 26 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले आश्रम के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह हेतु विद्यापीठ द्वारा डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी को अधिकृत रूप से ‘क्लाइमेट सत्याग्रह सॉइल दूत’ मनोनीत किया गया है। छतलानी ने बताया कि विद्यापीठ की पवित्र मिट्टी को आश्रम की नींव में उपयोग कर भावी पीढ़ियों के लिए साझा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का संदेश दिया जाएगा।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. तरुण श्रीमाली, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. यज्ञ आमेटा, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, जितेंद्र सिंह चौहान, भगवती लाल श्रीमाली, उमराव सिंह सहित विद्यापीठ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
