उदयपुर, 24 अक्टूबर। जनजातीय क्षेत्र की किशोरियों को खेल के माध्यम से सशक्त बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा लैक्रोज खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में यूनिसेफ एवं मेरा युवा भारत (माय भारत) के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूनिसेफ के चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट संजय कुमार निराला, मेरा युवा भारत के सहायक निदेशक शरद त्रिपाठी, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की जिला शिक्षा अधिकारी अमृता दाधीच, धर्मेंद्र कुमार आदि अधिकारी गण उपस्थित रहे।
बैठक में जनजातीय समुदाय की किशोरियों की लैक्रोज खेल में उपलब्धियों, नियमित प्रशिक्षण, खेल सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, संभावित प्रायोजन तथा खेल के भविष्य में विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही जनजातीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, खेलकूद और समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विभागीय समन्वय एवं सहयोग को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
उदयपुर से शुरू हुई पहल, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2023 में उदयपुर में जनजातीय समुदाय की किशोरियों को खेल के माध्यम से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लैक्रोज खेल की शुरुआत की गई थी। पिछले तीन वर्षों में इस पहल ने उल्लेखनीय प्रगति की और इससे जुड़ी बालिकाओं ने अपने कौशल के बूते राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई तथा निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के बल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया कर टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 15 से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करना इस पहल की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ओलंपिक खेल लैक्रोज के माध्यम से किशोरियों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने, आत्मविश्वास बढ़ाने नेतृत्व गुण विकसित करने के साथ राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर अपने कौशल का प्रदर्शन देश-विदेश में करने के अवसर मिल रहे हैं। खेल गतिविधियाँ उनमें सहयोग, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की भावना को भी मजबूत कर रही है।
बैठक में आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जानकारी दी कि लैक्रोज खेल को प्रोत्साहित करने के लिए महाराणा प्रताप खेलगांव स्टेडियम में पृथक लेक्रोज खेल मैदान तैयार किया जा रहा है, मैदान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और खेल को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
बैठक में खिलाड़ियों के लिए नियमित प्रशिक्षण, आवश्यक खेल सामग्री, उपयुक्त खेल सुविधाओं और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई, साथ ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने तथा टीम की निरंतर प्रगति के लिए संभावित प्रायोजकों से सहयोग प्राप्त करने की संभावनाएँ तलाशने पर जोर दिया गया।
यूनिसेफ और मेरा युवा भारत के सहयोग से अवसर बढ़ाने पर चर्चा
यूनिसेफ के चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट संजय कुमार निराला ने बाल संरक्षण, किशोरियों के सशक्तिकरण और उनके सुरक्षित एवं समग्र विकास के लिए तकनीकी मार्गदर्शन तथा सहयोग की संभावनाओं पर विचार साझा किए। उन्होंने लैक्रोस टीम की आवश्यकताओं के अनुरूप संभावित प्रायोजकों की पहचान करने और संसाधन जुटाने की संभावनाएं तलाशने में विभाग को सहयोग देने के विषय पर भी चर्चा की।
मेरा युवा भारत के सहायक निदेशक शरद त्रिपाठी ने भी किशोरियों की भागीदारी बढ़ाने, खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और उपलब्ध अवसरों एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया, बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि लैक्रोज खेल में बालिकाओं की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और संभावित प्रायोजन के प्रयासों को एक साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है, इस दिशा में संबंधित विभाग, यूनिसेफ और मेरा युवा भारत के बीच समन्वय से जनजातीय किशोरियों के लिए उपलब्ध अवसरों को और मजबूत किया जा सकता है।
बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास पर विशेष जोर
बैठक में जनजातीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और प्रोत्साहनकारी वातावरण विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इस बात पर बल दिया गया कि खेलों में उनकी भागीदारी और उपलब्धियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा मानसिक-सामाजिक कल्याण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
जनजातीय समुदाय की किशोरियों को खेल गतिविधियों से जोड़ना उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर खेल के अवसरों को प्रोत्साहित करने, प्रतिभाशाली बालिकाओं की पहचान करने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जनजातीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, खेल और समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
समन्वित प्रयासों से सशक्त होंगी जनजातीय किशोरियाँ
बैठक का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र की प्रतिभाशाली किशोरियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, लैक्रोस खेल को प्रोत्साहित करना तथा बाल संरक्षण, शिक्षा और खेल के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा। चर्चा में प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधनों, सुरक्षित वातावरण और संभावित प्रायोजन के माध्यम से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा निखारने तथा उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया बैठक के पश्चात महाराणा प्रताप खेल गांव में प्रशिक्षक नीरज बत्रा के मार्गदर्शन में लैक्रोज की अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के मध्य प्रदर्शन मैच खेला गया इसमें जनजाति क्षेत्र के खिलाड़ियों के उत्कृष्ट उच्च स्तरीय खेल कौशल को खुले मन से सराहा गया एवं उच्च उपलब्धियों तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई।
क्षेत्रीय जनजाति विकास विभाग आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में यूनिसेफ और मेरा युवा भारत के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक जनजाति क्षेत्रीय लेक्रोज खिलाड़ियों के कौशल को सराहा
