—उदयपुर में गूंजेगा ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ का मंत्र
—2 अक्टूबर से चार दिवसीय स्वदेशी मेला लगेगा आरसीए प्रांगण में
उदयपुर, 23 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के मंत्र ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा को केंद्र में रखकर उदयपुर में 2 से 5 अक्टूबर तक चार दिवसीय स्वदेशी मेला—2026 न केवल स्वदेशी और स्थानीय रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा देने वाला होगा, बल्कि नागरिक जागरूकता का भी माध्यम बनेगा।
यह बात उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बुधवार को यहां मेला स्थल के भूमि पूजन से पूर्व पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) ग्राउंड में होने वाली इस मेगा औद्योगिक प्रदर्शनी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई सांसदों की कार्यशाला के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा इस मेले का आधार बनी। उन्होंने बस्तर में हुए इस तरह के जिला स्तरीय मेले का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके बाद वहां स्थानीय स्तर के हुनर को ऊंचाइयां मिलीं। इस मेले का उद्देश्य आइडिया मेकिंग, स्टार्टअप से लेकर एक्सपोर्ट और एक्सपोर्ट से आगे विदेशों में उसके शो—रूम तक की स्थापना के रूटमैप पर विचार करना है। उन्होंने उदाहरण दिया कि मोलेला का शो—रूम भी विदेश में खुल चुका है। ऐसा लाभ हर स्थानीय उत्पाद को मिले, इस पर हमे चर्चा करनी होगी। इस मेले के दौरान ही उदयपुर अंचल में औद्योगिक विकास की आवश्यकताओं की फेहरिस्त भी तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचल के मद्देनजर यहां आदिवासी क्षेत्रों की स्वयंसेवी संस्थाओं, घुमंतू समाज की संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। शी—मार्ट और जीआई टैगिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रेसवार्ता में नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि यह मेला उदयपुर अंचल के उद्यमियों, व्यवसायियों के विकास के लिए बेहतर कदम साबित होगा। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, यूसीसीआई के उपाध्यक्ष अंशुल मोगरा, पूर्व राज्य मंत्री हरीश राजानी, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष राजेन्द्र सुराणा, वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने भी मेले में व्यवसायियों को बढ़—चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया।
मेला संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि 2 अक्टूबर को मेले का उद्घाटन 150 छात्राओं के समवेत स्वर में वंदे मातरम के गायन से होगा। तीन अक्टूबर को सड़क सुरक्षा को लेकर नागरिकता जागरूकता दिवस मनाया जाएगा। 4 अक्टूबर को अरबन स्कैचर समूह पेंटिंग के जरिये सामाजिक जागरूकता के संदेश देगा। इसी तरह, 5 अक्टूबर को वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे पर पीएम मोदी के ‘विरासत भी — विकास भी’ मंत्र पर परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा।
मेले में स्टार्टअप, निर्माता, होम एवं कॉटेज इंडस्ट्री, सेवा प्रदाता, व्यापारी, स्वयं सहायता समूह, व्यवसायी और महिला उद्यमी भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों के लिए नए संपर्क और कारोबारी संभावनाओं के साथ कारोबार के विस्तार, नवाचार और तकनीकी समाधानों से जुड़ने तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
आयोजन से जुड़े सहयोगियों में लघु उद्योग भारती, उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कलड़वास चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, उदयपुर मार्बल एसोसिएशन, उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, होटल एसोसिएशन उदयपुर और होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान शामिल हैं। राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर तथा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी आयोजन के भागीदारों में हैं।
भूमि पूजन में कलड़वास चैम्बर अध्यक्ष गिरीश शर्मा, होटल एसोसिएशन उपाध्यक्ष रॉबिन सिंह, महिला इकाई अध्यक्ष सीमा पारिख, डॉ. रजनी रावत, जिला प्रवक्ता डॉ. ओम पारीक, नेक्सनोस के कमलेश शर्मा,
बी. एम. भाटी, अभिमन्यु सिंह, अवनीश व्यास, उमा प्रताप सिंह, जीत चौधरी, दीपक चुघ, हितेश भोई, चर्चिल जैन आदि उपस्थित थे।
