—तैयारियां तेज, 80% स्टॉल बुकिंग पूरी
—लोकल उत्पादों और स्थानीय उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच
उदयपुर, 21 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वावलंबी भारत के संकल्प ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से झील नगरी उदयपुर में आगामी 2 से 5 अक्टूबर तक चार दिवसीय ‘स्वदेशी मेला—2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) ग्राउंड में होने वाली इस विशाल औद्योगिक प्रदर्शनी का मुख्य ध्येय स्थानीय निर्माताओं, व्यापारियों, एमएसएमई (लघु व कुटीर उद्योग) और सेवा प्रदाताओं को एक ही मंच पर व्यावसायिक अवसर और व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। चार दिनों में 50 हजार से अधिक आगंतुकों और खरीदारों के जुटने की संभावना के बीच मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
आयड़ जैन मंदिर परिसर स्थित स्वदेशी मेला कार्यालय में मेला संयोजक मनोज जोशी एवं डॉ. रजनी रावत के सान्निध्य में आयोजित कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा विभिन्न व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए समितियों का गठन कर दायित्व सौंपे गए।
80 प्रतिशत से अधिक स्टॉल बुक, उद्यमियों में भारी उत्साह : —स्वदेशी मेला मीडिया प्रवक्ता डॉ. अवनीश व्यास ने बताया कि कार्यालय प्रमुख बृजमोहन भाटी ने बैठक में जानकारी दी कि व्यापारियों व सूक्ष्म-लघु उद्यमियों के भारी उत्साह के चलते अब तक 80 प्रतिशत से अधिक स्टॉल्स की बुकिंग पूरी हो चुकी है। यह मेला न केवल व्यापार संवर्धन का जरिया बनेगा, बल्कि नए व्यवसायियों के लिए नेटवर्क बनाने और ब्रांड दृश्यता (Brand Visibility) बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। बैठक में सोशल मीडिया मार्केटिंग हेड पुल्किता जोशी ने डिजिटल प्रचार अभियानों, लक्षित विज्ञापनों और ऑनलाइन माध्यमों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया की विस्तृत कार्ययोजना पेश की।
सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला और रोजगारपरक दृष्टि
—स्वदेशी मेले को केवल क्रय-विक्रय तक सीमित न रखकर सामाजिक दायित्वों से जोड़ते हुए 3 अक्टूबर को युवाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों पर केंद्रित जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस दौरान सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिनकी जिम्मेदारी नारायण जाट को सौंपी गई है। मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वदेशी उद्यमशीलता, कौशल विकास और स्थानीय संसाधनों के उपयोग के प्रति प्रेरित करना है।
पर्यटन और स्वदेशी उद्योगों का अनूठा समन्वय : —बैठक में उदयपुर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने स्वदेशी मेले को उदयपुर के पर्यटन मॉडल से जोड़ने पर बल दिया, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी मेवाड़ की समृद्ध हस्तकला, स्थानीय कला-संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों से रूबरू हो सकें। आयोजन समिति के सदस्य विष्णु मेनारिया ने समयबद्ध क्रियान्वयन और कार्यकर्ता टोलियों के प्रभावी समन्वय पर विशेष दिशा-निर्देश दिए। यह मेला लघु व कुटीर उद्योगों को संबल प्रदान करने के साथ-साथ आमजन को उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी विकल्पों की पहचान कराने में मील का पत्थर साबित होगा।
बैठक में लघु उद्योग भारती उदयपुर महानगर इकाई अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा, कमलेश शर्मा, अभिमन्यु सिंह, ओम दवे, अरिहंत जैन, महेंद्र सिंह, यशवंत मंडावरा, सुरेश पानेरी, चिन्मय सहित विभिन्न प्रकल्पों के प्रमुख एवं कार्यसमिति सदस्य उपस्थित रहे।
