ताज अरावली उदयपुर प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी, दिल्ली में एफआईआर दर्ज

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मैसर्स ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, धमकी देने और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ताओं की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 409, 420, 423, 467, 468, 471, 506, 120B और 34 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। रिपोर्ट मैसर्स ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड कार्यालय: 805, डीएलएच पार्क, एसवी रोड, गोरेगांव वेस्ट, मुंबई, निदेशक राजीव आनंद, निदेशक साहिल आनंद और निदेशक चारू आनंद के खिलाफ दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं से सफदरजंग, नई दिल्ली में मुलाकात कर उदयपुर (राजस्थान) के कोडियात स्थित ताज अरावली/ईशान ग्रुप के 5-स्टार होटल प्रोजेक्ट में कॉटेज और स्टूडियो यूनिट बेचने का झांसा दिया। निवेशकों को 9-12% प्रतिवर्ष न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न और कुल लाभ में 25% तक के हिस्से का वादा किया गया था। निवेशकों से पूरी बिक्री राशि और रजिस्ट्री के नाम पर लाखों रुपए (स्टांप शुल्क) वसूलने के बावजूद आरोपियों ने टाइटल डीड/सेल डीड  का निष्पादन नहीं किया और सरकारी राजस्व को भी हानि पहुंचाई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अनुसूचित जनजाति के गरीब किसानों की कृषि भूमि, सिंचाई विभाग और वन विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे व अतिक्रमण किए। अरावली हिल पॉलिसी और फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट का उल्लंघन करते हुए पहाड़ियों को काटकर गैर-कानूनी निर्माण किया गया। यह पूरा प्रोजेक्ट बिना रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (रेरा) पंजीकरण के चलाया जा रहा था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के इस प्रॉपर्टी को एक विदेशी संस्था (ब्लैकस्टोन) को बेचने का प्रयास किया। जब निवेशकों ने अपने कानूनी अधिकारों और कागजात की मांग की, तो उन्हें राजनीतिक रसूखदारों के नाम पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। ईडब्ल्यूओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसमें वित्तीय अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं, बेनामी संपत्ति और सरकारी विभागों की मिलीभगत की भी गहनता से जांच की जा रही है।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!