क्षणभंगुर जीवन को पहचानकर करें आत्मकल्याणःडॉ. राजेन्द्र मुनि

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में प्रवचन देते हुए प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने स्व-विवेक एवं आगम के माध्यम से जीवन की वास्तविकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने जीवन को पानी में उठने वाले बुलबुले के समान क्षणभंगुर बताया है। मनुष्य को जीवन की नश्वरता को समझते हुए अपने वर्तमान जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए।
डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य संसार की भौतिक उपलब्धियों और सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है। जीवन अनमोल है, इसलिए इसका सदुपयोग आत्मकल्याण, संयम और सद्कर्मों में करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक स्वर्ण मुद्रा के पीछे हजारों स्वर्ण मुद्राएं गंवा दे तो उसका प्रयास व्यर्थ माना जाएगा। इसी प्रकार सांसारिक मोह-माया में जीवन का अमूल्य समय गंवाना भी उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन के वास्तविक स्वरूप को पहचानकर आत्मचिंतन करना चाहिए। समय रहते जागरूक होकर सद्मार्ग अपनाने से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। धर्मसभा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने प्रवचन का लाभ लिया।
जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक जिन वस्तुओं का हम उपयोग करते हैं, उनमें से कई ऐसी होती हैं जो परिवार, व्यापार और व्यवसाय के साथ-साथ समाज के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। परंतु उपयोग के बाद इन वस्तुओं को अनुपयोगी मानकर छोड़ देना उचित नहीं है।
डॉ सुरेंद्र मुनि  ने कहा कि जीवन को एक धर्मशाला का स्वरूप देते हुए हमें यह समझना चाहिए कि जिस प्रकार धर्मशाला में आने वाले व्यक्ति कुछ समय ठहरकर उसका उपयोग करते हैं और बाद में उसे अन्य लोगों के लिए छोड़ जाते हैं, उसी प्रकार हमें भी वस्तुओं का आवश्यकता अनुसार उपयोग कर उन्हें आगे उपयोग के योग्य बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी वस्तु को उपयोग करने के बाद उसका उचित निस्तारण एवं पुनः उपयोग करने से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। इसके साथ ही वस्तुओं पर आवश्यकता से अधिक मोह रखने के बजाय उनमें साझा उपयोग और ममता भाव विकसित करना चाहिए। यही स्वस्थ समाज और बेहतर पर्यावरण की दिशा में हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
सभा में उपस्थित उपाध्याय रमेश मुनि ने भी इस संदेश को महत्वपूर्ण बताते हुए वस्तुओं के सदुपयोग, पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

By Udaipurviews

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