उदयपुर, 18 अगस्त। उदयपुर में निवासरत सेवानिवृत्त वन अधिकारियों के ग्रीन सेवियर्स ग्रुप की मासिक बैठक आज अरण्य कुटीर, वन विश्राम गृह में राहुल भटनागर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं वन्यजीव संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य सरकार की ओर से वृक्ष संरक्षण के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता की सराहना की गई। सदस्यों ने 13 अगस्त को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा ‘द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल, 2026’ के प्रारूप को दी गई मंजूरी का स्वागत किया। सदस्यों ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य की महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित कानून के तहत बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के गैर-वन भूमि पर संरक्षित वृक्षों को काटना संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध होगा। इसके लिए एक वर्ष तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान प्रस्तावित है।
ड्राफ्ट बिल के दायरे में खेजड़ी, रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर, गोदल, खिरनी, हल्दु और चिरोंजी सहित कुल 29 पारिस्थितिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों को शामिल किया गया है।
बैठक में सेवानिवृत्त वन अधिकारियों ने अपने लंबे प्रशासनिक एवं मैदानी अनुभव के आधार पर प्रस्तावित विधेयक के विभिन्न प्रावधानों का बिंदुवार परीक्षण किया। सदस्यों ने ड्राफ्ट में सामने आ रही कुछ विसंगतियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए कहा कि वृक्ष संरक्षण के उद्देश्य को प्रभावी बनाने के साथ कानून के प्रावधानों को व्यवहारिक एवं स्पष्ट बनाया जाना आवश्यक है।
सदस्यों ने निर्णय लिया कि ड्राफ्ट बिल में आवश्यक संशोधनों के संबंध में राज्य सरकार को पृथक से पत्र भेजकर सुझाव एवं संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। इस संबंध में प्राप्त सुझावों को संकलित कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने और संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए श्री आर.के. जैन, सीसीएफ (रिटायर्ड) ने समन्वय की जिम्मेदारी संभालने की सहमति दी।
बैठक में उपस्थित सेवानिवृत्त वन अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान की विशिष्ट पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए वृक्ष संरक्षण के लिए मजबूत कानून समय की आवश्यकता है। साथ ही, कानून बनाते समय मैदानी अनुभवों और व्यावहारिक पक्षों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
